कटनी जिले के बिलहरी में धान खरीदी को लेकर किसान आक्रोशित है। श्री कृष्णा वेयरहाउस उपार्जन केंद्र पर नियम के तहत स्लॉट बुक करने के बावजूद दर्जनों किसानों की फसल नहीं खरीदी गई। कई दिनों तक केंद्र के चक्कर काटने के बाद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो परेशान किसानों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। जानकारी के अनुसार, बिलहरी क्षेत्र के करीब 24 किसानों की 2500 क्विंटल धान अधर में लटक गई है। किसानों का आरोप है कि उन्होंने सरकारी नियमों के अनुसार स्लॉट बुकिंग करवाई थी, लेकिन जब वे अपनी उपज लेकर कृष्णा वेयरहाउस पहुंचे, तो वहां अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। केंद्र प्रभारी ने बारदानों (बोरों) की कमी का बहाना बनाकर तौल करने से मना कर दिया। अब आलम यह है कि स्लॉट की समय सीमा खत्म हो चुकी है और किसान अपनी खून-पसीने की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। खुले आसमान के नीचे धान की बोरियां लेकर बैठे किसान पीड़ित किसान रामकृष्ण बर्मन, कालू कोल और सुकरात पाल ने बताया कि वे 31 दिसंबर से लगातार केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं। स्लॉट की अवधि बीत जाने के कारण अब पोर्टल पर उनकी एंट्री नहीं हो पा रही है। किसान अपनी धान की बोरियां लेकर खुले आसमान के नीचे बैठे हैं, जहां मौसम और चोरी का डर बना रहता है। किसानों ने प्रशासन को बताया कि बार-बार आश्वासन मिलने के बाद भी हकीकत में उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। किसानों की अनदेखी का आरोप किसान नेता मुकेश यादव ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। किसानों का आरोप है कि खरीदी केंद्रों पर बिचौलियों और व्यापारियों की धान आसानी से खरीदी जा रही है, लेकिन असली किसानों को बारदाने की कमी बताकर परेशान किया जा रहा है। किसानों ने कहा कि अगर समय रहते उनकी धान नहीं तुली, तो वे साहूकारों और बैंकों के कर्ज में पूरी तरह डूब जाएंगे। उग्र आंदोलन की चेतावनी शुक्रवार को आक्रोशित किसानों ने संयुक्त कलेक्टर जितेंद्र पटेल को सीएम के नाम ज्ञापन दिया। उनकी मांग है कि सरकार विशेष पोर्टल खोलकर या स्लॉट की तारीख बढ़ाकर उनकी रुकी हुई धान की तुलाई तुरंत शुरू करवाए। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी उपज नहीं खरीदी गई, तो वे उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। संयुक्त कलेक्टर ने किसानों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।


