दो दिन में होंगे 350 ऑपरेशन, 120 मरीजों की सर्जरी:बुरहानपुर में 1250 लोगों का निःशुल्क नेत्र परीक्षण, शनिवार को भी होंगे ऑपरेशन

बुरहानपुर में दाऊदी बोहरा समाज के धर्मगुरु हिज़ होलीनेस डॉ. सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन की प्रेरणा से दरगाह-ए-हकीमी और विजन प्लस फाउंडेशन, मुंबई द्वारा स्वास्थ्य विभाग बुरहानपुर के सहयोग से आठवां विशाल निःशुल्क नेत्र शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कुल 1250 लोगों की आंखों की जांच की गई, जिनमें से 350 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया। शिविर का शुभारंभ मुंबई से आए मुस्ता अली भाई साहब के आशीर्वचन से हुआ। उन्होंने सैयदना साहब का संदेश दोहराते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर से ही स्वस्थ समाज का निर्माण होता है और आंखें शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडीएम वीरसिंह चौहान ने दरगाह-ए-हकीमी द्वारा पिछले 10 वर्षों से निरंतर आयोजित किए जा रहे मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविरों को मानव सेवा की मिसाल बताया। सीएसपी ने कहा-बुरहानपुर में तीसरी सेवा यात्रा है सीएसपी गौरव पाटिल ने पद्मश्री डॉ. टी. पी. लहाने के सेवा भाव को उनके पुत्र डॉ. सुमित लहाने द्वारा आगे बढ़ाए जाने की सराहना की। उन्होंने बताया कि यह डॉ. सुमित लहाने की बुरहानपुर में तीसरी सेवा यात्रा है। सीएमएचओ डॉ. राजेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि मुंबई के विशेषज्ञ डॉक्टरों से तकनीकी चर्चा कर जिला अस्पताल को भी उच्च श्रेणी का बनाने के प्रयास किए जाएंगे। शहर आमिल शेख युसूफ जमाली ने कहा कि मुंबई और पुणे जैसे महानगरों के अनुभवी चिकित्सकों की दक्षता और ईश्वर की कृपा से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। शिविर में डॉ. सुमित लहाने (मुंबई) ने मरीजों की जांच की। दरगाह-ए-हकीमी द्वारा शिविर में आए करीब 750 मरीजों के ठहरने और भोजन की संपूर्ण व्यवस्था की गई। फेंको पद्धति से होंगे मोतियाबिंद ऑपरेशन विजन प्लस फाउंडेशन के मुस्तफा मलकापुरवाला और जौहर नवाब ने बताया कि केवल चिकित्सकीय रूप से फिट पाए गए मरीजों का ही फेंको पद्धति से मोतियाबिंद ऑपरेशन किया जा रहा है। ऑपरेशन शुक्रवार से श्यामा प्रसाद मुखर्जी नेत्र अस्पताल में शुरू हुए, जो 7 फरवरी शनिवार तक जारी रहेंगे। इस सेवा शिविर में देश के प्रतिष्ठित नेत्र रोग विशेषज्ञों ने सेवाएं दीं, जिनमें डॉ. सुमित लहाने (मुंबई), डॉ. निखिल कंदुरवार (नागपुर), डॉ. श्रुति पाटिल (पुणे) और डॉ. युगंधरा पटाडे (मुंबई) शामिल हैं। 6 फरवरी को चयनित मरीजों में से 120 मरीजों के सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन किए गए, जबकि शेष मरीजों का ऑपरेशन 7 फरवरी को किया जाएगा।

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