भिंड जिले के क्रिकेट इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। बघेड़ी गांव के साधारण परिवार से निकलकर रामवीर गुर्जर ने मध्यप्रदेश रणजी ट्रॉफी टीम में जगह बनाकर जिले का नाम रोशन किया है। इंदौर के होलकर स्टेडियम में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में रामवीर को अंतिम-11 में शामिल किया गया, जहां उन्होंने अपना रणजी ट्रॉफी डेब्यू किया। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ऑलराउंडर रामवीर गुर्जर भिंड जिले के बघेड़ी गांव के निवासी हैं। वे अहिवरन सिंह के तीन पुत्रों में सबसे बड़े हैं। पिछले 6–7 वर्षों से वे भिंड जिला क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा संचालित चौधरी दिलीप सिंह लॉ कॉलेज मैदान पर नियमित अभ्यास कर रहे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद अनुशासन और निरंतर मेहनत ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही। रामवीर की प्रतिभा को निखारने में राज्य क्रिकेट अकादमी शिवपुरी और देश की प्रतिष्ठित एमआरएफ पेस फाउंडेशन, चेन्नई की अहम भूमिका रही। यहां उन्होंने लगातार दो वर्षों तक तेज गेंदबाजी का विशेष प्रशिक्षण लिया। इससे पहले वे भिंड जिला और चंबल डिवीजन की टीमों से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं, जिसके चलते उन्हें मध्यप्रदेश अंडर-23 टीम में भी मौका मिला। 60–70 खिलाड़ी नियमित अभ्यास कर रहे रणजी टीम में चयन सिर्फ रामवीर की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भिंड के क्रिकेट ढांचे की मजबूती का प्रमाण भी है। इससे पहले भी जिले के सुमित कुशवाह, रोहित राजावत जैसे खिलाड़ी विभिन्न आयु वर्गों में मध्यप्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। रामवीर के चयन पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रशांत मेहता, तस्लीम खान, चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी सहित खेल जगत से जुड़े कई लोगों ने बधाई दी। भिंड जिला क्रिकेट एसोसिएशन के प्रशिक्षक रवि कटारे ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से स्थानीय मैदान पर निरंतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जहां आज भी 60–70 खिलाड़ी नियमित अभ्यास कर रहे हैं। रामवीर की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए बड़ी प्रेरणा बनेगी।


