शहडोल में शुक्रवार दोपहर ‘यूजीसी 2026’ के नए नियमों का विरोध हुआ। सर्व समाज समन्वय समिति के बैनर तले जुटे लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और इस कानून को ‘काला कानून’ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। हैरानी की बात यह रही कि प्रदर्शन की पहले से जानकारी होने के बाद भी कलेक्ट्रेट में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। मुख्य गेट और बैरियर पर एक भी पुलिसवाला तैनात नहीं था। इसका फायदा उठाकर प्रदर्शनकारी सीधे अंदर घुस गए और काफी देर तक नारेबाजी करते रहे। पूरे परिसर में ‘काला कानून वापस लो’ के नारे गूंजते रहे। अफसरों के न आने पर भड़के लोग प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे लंबे समय तक ज्ञापन देने के लिए अधिकारियों का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई बाहर नहीं आया। इससे नाराज होकर लोग बैरियर हटाते हुए सीधे कलेक्ट्रेट बिल्डिंग के मुख्य दरवाजे तक जा पहुंचे। जब वहां भी कोई पुलिसकर्मी नहीं दिखा, तो पार्किंग संभाल रहे एक होमगार्ड ने बड़े अफसरों को इसकी खबर दी। एडीएम ने लिया ज्ञापन मामला बढ़ता देख प्रशासन हरकत में आया और अपर कलेक्टर (एडीएम) मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया और भरोसा दिलाया कि उनकी बात सरकार तक पहुंचाई जाएगी। इसके बाद लोग शांत होकर वापस लौटे।


