महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम में बदलाव और नई व्यवस्थाओं के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने धरना दिया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी विदिशा ने यह धरना माधवगंज चौराहे पर आयोजित किया। धरने में कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान केंद्र सरकार और भाजपा की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की गई। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना योजना की मूल भावना को कमजोर करने वाला कदम है। उन्होंने इसे राष्ट्रपिता की विरासत का अपमान बताया। केंद्र सरकार महात्मा गांधी के नाम से डरती है: रघुवंशी कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा करोड़ों ग्रामीण गरीब परिवारों की आजीविका का प्रमुख सहारा है। सरकार द्वारा किए जा रहे बदलावों से गरीब और मजदूर वर्ग पर सीधा नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी के नाम से डरती है, इसलिए योजनाओं के नाम बदलकर इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर ‘जी राम जी’ करना गरीबों के अधिकारों पर हमला है और भगवान राम के नाम का राजनीतिक उपयोग संविधान व लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। कांग्रेस ने इस आंदोलन को ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ नाम दिया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह संघर्ष संविधान, लोकतंत्र और गांधीवादी विचारधारा की रक्षा के लिए जारी रहेगा।


