नीमच जिले के रामपुरा में 20 बच्चों की जान बचाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कंचन देवी मेघवाल की मौत के बाद अब गुस्सा बढ़ गया है। शुक्रवार को मेघवाल समाज के लोग बड़ी संख्या में कलेक्टर ऑफिस पहुंचे और प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। प्रदर्शन कर रहे लोग इस बात पर भड़क गए कि कलेक्टर खुद उनसे मिलने नहीं आए। जब अपर कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर ज्ञापन लेने पहुंचे, तो समाज के लोगों ने उन्हें लौटा दिया। उनका कहना था कि जब बड़े नेता इस मामले पर दुख जता चुके हैं, तो जिले के बड़े अफसर उनकी बात सुनने क्यों नहीं आ रहे। करीब एक घंटे तक कलेक्ट्रेट में नारेबाजी चलती रही। परिवार के लिए मदद की मांग समाज ने मांग रखी है कि कंचन बाई के परिवार को एक करोड़ रुपए की मदद, वीरता सम्मान और सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही महिला बाल विकास अधिकारी को हटाने की बात भी कही गई है। लोगों का कहना है कि कंचन बाई के पति को लकवा मार गया है और बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है, ऐसे में परिवार के पास गुजारे का कोई रास्ता नहीं बचा है। क्या था मामला 2 फरवरी को आंगनवाड़ी केंद्र पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया था। बच्चों को बचाते समय कंचन बाई बुरी तरह घायल हो गई थीं, जिसके बाद उनकी जान चली गई। इसी बलिदान को लेकर अब समाज इंसाफ की गुहार लगा रहा है।


