गणतंत्र दिवस समारोह 2026 में नई दिल्ली में मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले एनसीसी कैडेट्स को शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास, भोपाल में सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस सम्मान समारोह में उन चुनिंदा कैडेट्स और एनसीसी दल को सम्मान मिला, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देशभर में मध्यप्रदेश को तीसरा स्थान दिलाया। घुड़सवारी में मध्यप्रदेश उन चुनिंदा प्रदेश में शामिल रहा जिन्होंने पदक जीते। हर साल के साथ बेहतर हो रहा प्रदर्शन
इस अवसर पर अतिरिक्त महानिदेशक एनसीसी मेजर जनरल जेपी सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम उन विद्यार्थियों के सम्मान के लिए आयोजित किया गया है, जिन्होंने 26 जनवरी को दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कहा कि देशभर में 17 लाख से अधिक एनसीसी कैडेट हैं, जबकि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में एक लाख से अधिक कैडेट सक्रिय हैं। बीते वर्षों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में मध्यप्रदेश छठे स्थान पर रहा था, 2025 में पांचवें स्थान पर पहुंचा और 2026 में उल्लेखनीय सुधार करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया है। जबलपुर को मिला मुख्यमंत्री ई-बैनर सम्मान
समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने Best Group Headquarter श्रेणी में चयनित जबलपुर ग्रुप हेड क्वार्टर को चैंपियन ग्रुप के रूप में “मुख्यमंत्री बैनर” प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि कैडेट्स के अनुशासन, परिश्रम और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है। राष्ट्रभाव विकसित करने वाला सशक्त मंच NCC
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री निवास उनका अपना घर है और वे सभी यहां सदैव स्वागत योग्य हैं। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि उन्होंने स्वयं भी एनसीसी की वर्दी पहनकर जीवन का अनुशासित समय बिताया है। मुख्यमंत्री ने एनसीसी और एनएसएस को युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्रभाव विकसित करने वाला सशक्त मंच बताया। एनएसएस की संख्या 3 लाख तक ले जाने का लक्ष्य
डॉ. यादव ने कहा कि गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होना अपने आप में गौरव की बात है और यह गौरव तब और बढ़ जाता है जब वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में हो। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में सशक्त होकर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने एनएसएस की संख्या 1.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख तक ले जाने का लक्ष्य भी रखा। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि कर्तव्य पथ पर महिला अधिकारी द्वारा परेड का नेतृत्व ऐतिहासिक क्षण है। रक्षा सेवाओं में महिलाओं को स्थायी कमीशन देने को उन्होंने दूरदर्शी निर्णय बताया। अंत में मुख्यमंत्री ने सभी कैडेट्स को ओजस्वी, तेजस्वी और साहसी युवा बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


