नरसिंहपुर जिले से सटे वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के डोंगरगांव परिक्षेत्र में वनकर्मियों पर फायरिंग की घटना सामने आई है। यह वारदात 3 फरवरी को पश्चिम आमापानी बीट में हुई थी। टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने इस मामले में सुआतला थाने में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने शुक्रवार को एक आरोपी अन्नू पटेल निवासी कुम्हरोड़ा को गिरफ्तार किया है। घटनास्थल से एक बंदूक, बड़ी मात्रा में सागौन की लकड़ी, पेड़ काटने के औजार, अन्य हथियार और सांभर व चिंकारा के सींग जब्त किए गए हैं। नरसिंहपुर और सीमावर्ती वन क्षेत्रों में अवैध लकड़ी कटाई और वन्यजीवों के शिकार में शामिल गिरोहों से लगातार खतरा बना हुआ है। एफआईआर में दर्ज बयान के अनुसार, 3 फरवरी की दोपहर बीट गार्ड ऋषिकेश टैगोर और वनरक्षक अपने दो श्रमिकों संतोष ठाकुर और जगदीश नौरिया के साथ बाइक से गश्त कर रहे थे। वे तालाब की जांच के लिए एक टीले पर चढ़े, जहां उन्हें तीन व्यक्ति बंदूकों के साथ दिखाई दिए। वनकर्मियों द्वारा पूछताछ करने पर, उन व्यक्तियों ने उनकी ओर निशाना साधकर गोली चला दी। इस दौरान आसपास छिपे हुए अन्य अपराधी भी उनके साथ आ गए और उन्होंने भी गोलीबारी शुरू कर दी। वनकर्मियों के अनुसार, वारदात में लगभग सात-आठ लोग शामिल थे। तीन अरोपियों की पहचान हुई जब वनकर्मी वहां से नहीं हटे, तो अपराधियों ने तीन और राउंड फायरिंग की। इस दौरान वनकर्मियों ने आठ अपराधियों में से तीन की पहचान राजा लोधी (निवासी रमपुरा), अन्नू पटेल (निवासी कुम्हरोड़ा) और रामसेवक गौड़ (निवासी रमपुरा) के रूप में की। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। डॉग स्क्वायड कर रहा सर्चिंग टाइगर रिजर्व के डीएफओ रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि वारदात में वनकर्मियों को कोई भी हानि नहीं हुई है। आरोपियों के विरुद्ध सुआताला थाना में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। पुलिस बल व टाइगर रिजर्व में उपलब्ध डॉग स्क्वायड की सहायता से वन अमले द्वारा लगातार सर्चिंग जारी है। पुलिस के सहयोग से आरोपियों की लोकेशन भी प्राप्त कर उनके मकान आदि की सचिर्ंग की गई, जिसमें सागौन की इमारती लकड़ी, भाला, जानवरों को काटने के हथियार तथा जानवरों के अंग आदि जब्त किए गए हैं। एक आरोपी अन्नू पटेल को पकड़ लिया गया है।


