लक्की के हत्यारों में नौकर भी शामिल, उसी ने रूटीन बताया

आप नेता लक्की के कत्ल की साजिश चाहे अमेरिका में बैठे जोगा फोल्ड़ीवाल ने बनाई है, लेकिन साजिश में लक्की के एक नौकर की भूमिका सामने आई है। पुलिस ने मिट्ठापुर एरिया में रहने वाले नौकर की तलाश में रेड की तो वह नहीं मिला। नौकर को पकड़ने के लिए उसकी फैमिली पर दबाव बनाया है। जिस एक्टिवा से शूटर भागा उसका हुलिया नौकर से पूरी तरह मिलता है। रात 11 बजे तक पुलिस नौकर और शूटर की तलाश में हिमाचल प्रदेश व अमृतसर एरिया में विशेष टीमें भेजी गई है। नौकर की फैमिली ने कहा-उनका बेटा सुबह 6 बजे एक्टिवा लेकर घर से निकला था और फिर साढ़े 7 घर आया। उसके साथ एक युवक था। जिसके बाद वह क्रेटा में बैठ कर चला गया। पुलिस मान कर चल रही है कि चिट्‌टा पीने पर लक्की ने नौकर को पीटा था, उसी का बदला लेने के लिए नौकर जोगा की साजिश का हिस्सा बना है। अब सवाल यह था कि शूटर कौन था कि जांच चल रही थी। सीसीटीवी फुटेज देख कर लक्की से जुड़े लोग बोले कि यह तो लक्की का ही दोस्त लगता है। उस पर कत्ल और इरादा-ए-कत्ल जैसे 7 क्रिमिनल केस दर्ज है। बीते साल मई महीने में बेल पर आया था। जमानत के लिए लक्की ने ही जमानती तैयार कर करीब 50 हजार रुपए का भुगतान किया था। यह शूटर जोगा गैंग से जुड़ा है। अब तक जितने सीसीटीवी फुटेज सामने आए है। उन में केवल नाक और माथा ही नजर आ रहा है। सीसीटीवी में नजर आ रहा है कि शूटर बाएं हाथ में पिस्टल लेकर आता है और एकाएक फायरिंग कर देता है। फिर बाएं हाथ से एक गोली चलाता है। जिस शूटर की लक्की ने जमानत में मदद की थी, वह भी लेफ्ट हैंड शूटर है और एक ऐसा शूटर होशियारपुर जिले में भी है। पुलिस दोनों शूटर पर फोकस कर रही है। मां चीखती रही… पुत्तर तां रोज दी तरां गुरुघर गया सी… रब्बा इनां नूं तूं ही सजा दईं, मेरा पुत्तर तां मैनूं छड्ड के चला गया, पर ओ वी खुश नहीं रहणगे, जिनां ने बुड्डे वेले मेरे जीण दा सहारा मैथों खोह लेया। दोस्तों ने कहा था- अलर्ट रहा कर, जवाब था – मैंनूं किसने हत्थ पाणा श्री गुरु तेग बहादुर नगर में श्री गीता मंदिर वाली गली में सुबह 10 बजे हर शख्स खामोश दिखा। यहां लक्की ओबेरॉय का आवास है। बाहर लिखा है – ओबेरॉय। परिवार के मुखिया इंदरपाल सिंह का स्वर्गवास हो चुका है। उनके 3 बेटों में लक्की, दमनदीप और दमनप्रीत हैं। मां ने ही सबको संभाला। सबकुछ ठीक चल रहा था। लक्की ने बीते विस चुनाव में आप ज्वाइन कर ली। फिर उनकी प|ी सिमरनजोत को नगर निगम चुनाव में आप ने टिकट दी। चाहे वह जीत न सकीं लेकिन आप में लक्की की पकड़ बढ़ने लगी थी। वह अक्सर सीएम भगवंत मान से मुलाकात करते, राजिंदर कौर थियाड़ा और प्रमुख नेता पवन टीनू के साथ नजर आते। वह पेशे से फाइनेंसर और प्रॉपर्टी कारोबारी थे। लक्की की 16 व 17 साल की दो बेटियां व 6 साल का बेटा है। लक्की रोजाना सुबह गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने जाते थे लेकिन शुक्रवार को तो सुबह से ही घर से बाहर थे। भाई बन्नों जी नगर से पंजाब सरकार के श्री गुरु रविदास महाराज जी के प्रकाशोत्व समागम में जालंधर की संगत को बसों में लेकर जाना था। वह 2 बसों की रवानगी की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच शुक्रवार सुबह 7:36 को मॉडल टाउन में लक्की (43) की 9 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। इसी दौरान लक्की के पुराने जानकार युवाओं ने कहा कि कुछ दिन पहले ही उसे कहा था कि वह सजग रहा करे। वजह दिसंबर से बदमाशों ने सोशल मीडिया पोस्ट पर उसके बारे में पोस्ट डाली थी, जिससे लेकिन लक्की ने कहा – मैंनूं किसने हत्थ पाणा है। गमगीन माहौल के बीच पहुंचे युवा सुबह हुई गोलियां चलाने की घटना के वीडियो मोबाइल फोन पर बार-बार देख रहे थे। इसी दौरान पूर्व कौंसलर कुलदीप सिंह ओबेरॉय फूट-फूट कर रोए। बोले – घर का चिराग चला गया। कभी तो एक-दूसरे का जन्मदिन मनाते थे फिर दुश्मनी इतनी बढ़ गई कि जान ले ली लक्की और जोगा पहले दोस्त थे। जोगा के चाचा गुरविंदर बाबा के नशे का ट्रीटमेंट लक्की ने ही करवाया था। कॉलेज टाइम में लक्की को ऐसी आदत लग गई थी, लेकिन फिर सुधर भी गया। तीन साल तक सब ठीक था, लेकिन इस बीच जोगा के चाचा को एक गैंग ने पीट दिया था, लेकिन लक्की ने उनकी पैरवी नहीं की। लक्की के नेटवर्क से बहुत लोग जुड़े हुए थे और जोगा को यकीन था कि लक्की मदद करेगा, पर ऐसा न हुआ। रिश्तों में दरार आ गई। जोगा फर्जी पासपोर्ट से अमेरिका चला गया। वहां से चिट्टा से लेकर रंगदारी गैंग चलाना शुरु कर दिया। जोगा ने गैंगस्टर सोनू खत्री के साथ मिलकर अपना नया गैंग बनाया है। इधर, सरकार में अच्छी पैठ का जलवा दिखाते हुए लक्की ने दिसंबर महीने में खालसा कॉलेज का प्रधान बदल दिया। उसने अपने करीबी लव को प्रधान बना दिया था। जिसके बाद से जोगा ने सोशल मीडिया के जरिये लक्की को जान से मारने की धमकियां देनी शुरु कर दी। दिसंबर महीने से शुरु धमकी विवाद में सूत्रधार बनकर लक्की का नौकर सामने आया, क्योंकि जोगा को पता चला था कि उसे पीटा गया था। नौकर ने लक्की से जुड़े हर राज को जोगा से शेयर किया। जोगा को पता चला कि रुटीन में लक्की लाइसेंसी पिस्टल रखता है,लेकिन गुरु घर जाते वक्त वह हथियार लेकर नहीं जाता। दिन की शुरुआत वह गुरु घर में माथा टेक कर शुरु करता है। फिर घर में नाश्ता कर खुद बच्चे स्कूल छोड़ कर आता है। जोगा ने गुरु घर के बाहर ही हत्या की साजिश बनाई। डीजीपी गौरव यादव ने कहा-शूटर फोन पर बातें करते नजर आए हैं और पुलिस ने मोबाइल डंप उठाया है। जल्द आरोपी पकड़ लिए जाएंगे। लक्की को सरेआम गोलियां मारने के बाद सफेद रंग की एक्टिवा पर भागे शूटर को ट्रेस करने के लिए पुलिस ने मॉडल टाउन एरिया से कैमरे चैक करने शुरू किए थे। कैमरे से क्लू मिला कि आरोपी मिट्ठापुर की ओर गए है। पुलिस सिटी के एंट्री पॉइंट के कैमरे चैक कर रही थी कि तभी शूटर और एक्टिवा चलाने वाला शख्स (संदिग्ध नौकर) एक क्रेटा कार में लम्मा पिंड चौक के कैमरे में नजर आए। पुलिस ने कार के मालिक का पता किया तो क्लियर हुआ कि कार डीलर कालड़ा के पास यह कार थी। कालड़ा पहले ही कार चोरी के केस में तिहाड़ जेल में है। कालड़ा से जेल में बात की गई तो उसने कहा यह कार तो मैंने अरोड़ा को बेच दी थी। पुलिस अरोड़ा के पास पहुंची तो खुलासा हुआ कि उसने कार बैंक के जरिये लोन लेकर खरीदी थी, लेकिन उसे पैसे की ज़रुरत थी तो उसने एक महीने के लिए लक्की के पास गिरवी रख कर 2.40 लाख रुपए लिए थे। लक्की के स्टाफ ने पुलिस को बताया कि यह कार उनका नौकर ही ले गया था। उसने लक्की से कहा था कि जब तक वह खुद चला लेगा, लेकिन लक्की के कत्ल के बाद से वह नजर नहीं आया और फोन बंद आ रहा था। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि लक्की के पास यह नौकर करीब 2 साल से काम कर रहा है। लक्की ने उसे एक पेमेंट लेने भेजा था,लेकिन उसने उस पैसे से चिट्टा खरीद कर पी लिया था। यह बात लक्की को पता चली थी तो उसने उसे पीट दिया था और नसीहत दी थी कि वह दोबारा ऐसा करेगा तो नौकरी से निकाल देगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *