रांची| झारखंड हाईकोर्ट में शुक्रवार को मैट्रिक के छात्र को अवैध रूप से हिरासत में रखने से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद एवं एके. राय की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। अदालत ने चतरा के डीएसपी, लावालौंग और टंडवा के थाना प्रभारी को अगली सुनवाई में सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया। इससे पूर्व पहली पाली में सुनवाई के दौरान अदालत ने चतरा डीएसपी और लावालौंग व टंडवा के थाना प्रभारी को कोर्ट रूम में बैठा लिया था और उनके मोबाइल भी जब्त कर लिए थे। अदालत ने पुलिस पदाधिकारियों से पूछा था कि 26-27 की रात दो बजे बच्चों को क्यों घर से उठाया गया, पूछताछ के बाद बच्चों को तुरंत क्यों नहीं छोड़ा गया, 10 दिन तक क्यों अवैध रूप से हिरासत में रखा गया? सुनवाई के दौरान कोर्ट के आदेश पर चतरा एसपी ऑनलाइन अदालत में हाजिर हुए। एसपी ने अदालत को मामले से संबंधित केस डायरी को पढ़कर सुनाया। केस डायरी में उन बच्चों से 27 और 30 जनवरी को हुई पूछताछ के बारे में जिक्र मिला, इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई 13 फरवरी को निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान अनुसंधानकर्ता को केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।


