रांची नगर निगम चुनाव की सरगर्मी बढ़ गई है। शुक्रवार को नाम वापसी के साथ अब फाइनल हो गया है कि चुनावी दंगल में कौन-कौन प्रत्याशी हैं। शनिवार को चुनाव चिन्ह आवंटन के साथ प्रत्याशियों का प्रचार-प्रसार शुरू हो जाएगा। करीब 8 साल के बाद हो रहे चुनाव का जुनून ऐसा है कि गली-मुहल्लों आैर नुक्कड़ पर सिर्फ चुनाव की ही बातें हो रही है। दैनिक भास्कर ने वार्ड संख्या 31 से 36 तक के प्रत्याशियों द्वारा दिए गए एफिडेविट की स्कैनिंग की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इसमें साक्षर से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट तक के प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। 6 वार्ड में कुल 61 प्रत्याशी चुनावी दंगल में हैं। इसमें 28 महिलाएं आैर 33 पुरुष हैं। इसमें कुल 5 प्रत्याशी ऐसे हैं जो करोड़पति हैं। इसमें दो महिलाएं भी करोड़पति हैं। 18 महिलाएं लखपति हैं। तीन प्रत्याशी ऐसे हैं जिनके पास एक रुपए नगदी नहीं है और घर-गाड़ी है। 61 में 8 प्रत्याशियों पर मारपीट, शांति भंग करने, आर्म्स एक्ट सहित अन्य मामलों में केस भी दर्ज है। इसमें 3 महिलाएं भी शामिल हैं। महिला प्रत्याशियों के पास नगदी कम, सोना-चांदी व निवेश अधिक छह वार्ड में कुल 28 महिलाएं है। इसमें 18 लखपति हैं। महिला प्रत्याशियों द्वारा दिए गए शपथपत्र में जो आंकड़ा है, उसे देखने से साफ है कि महिलाओं के पास नगदी काफी कम है। किसी प्रत्याशी के पास मात्र 1000 रुपए नगदी है तो किसी के पास 5000 रुपए। सबसे बड़ी बात है कि वे लखपति हैं। क्योंकि महिला प्रत्याशियों के पास सोना-चांदी है। वे बचत पर अधिक फोकस करती हैं। विभिन्न फंड और इंश्योरेंस में उनका निवेश हैं। इसमें 10 महिलाएं ऐसी हैं जिनके पास चार पहिया है, लेकिन बैंक में नगदी नहीं है। छह ने लोन लिया है। 16 महिलाएं ऐसी हैं जो व्यवसाय के साथ समाजसेवा करती है। 30-40 उम्र के अधिक, 60 से अधिक वाले सबसे कम छह वार्डों के प्रत्याशियों की उम्र की बात करें तो इसमें 30 से 40 आयु वर्ग के सबसे अधिक प्रत्याशी हैं। यानि युवा प्रत्याशी चुनाव लड़ने ज्यादा आगे आ रहे हैं। 61 में कुल 24 प्रत्याशी ऐसे हैं जिनकी उम्र 30 से 40 वर्ष के बीच हैं। वहीं, 19 प्रत्याशी ऐसे हैं जिनकी उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच हैं। मात्र 6 प्रत्याशी ऐसे हैं जिनकी उम्र 30 वर्ष से कम हैं। इसमें सबसे कम उम्र की प्रत्याशी प्रिया सिंह हैं, जो 27 वर्ष की हैं। जबकि, सबसे अधिक उम्र के ललन प्रसाद सिंह हैं जिनकी उम्र 71 वर्ष है। वार्ड 34 में सबसे अधिक 24, वार्ड 35 में सबसे कम दावेदार वार्ड नंबर 31 से 36 के बीच सबसे अधिक 24 प्रत्याशी वार्ड संख्या 34 में आैर सबसे कम मात्र 3 प्रत्याशी वार्ड संख्या 35 में हैं। वहीं, वार्ड 31 में 9, वार्ड 32 में 16 , वार्ड 33 में 5 आैर वार्ड 36 में कुल 4 प्रत्याशी हैं। सबसे अधिक 19 स्नातक, कई ने पढ़ा है कानून छह वार्डों के 61 प्रत्याशियों में पढ़े लिखे प्रत्याशियों की संख्या अधिक है। कुल 19 प्रत्याशी ऐसे हैं जो स्नातक हैं। इनमंें से किसी ने हिंदी तो किसी ने इतिहास विषय में स्नातक की डिग्री ली है। वहीं, 16 प्रत्याशी इंटर आैर 12 मैट्रिक पास हैं। जबकि, 4 प्रत्याशी ऐसे हैं जो साक्षर हैं। इसमें दूसरी पास से आठवीं पास तक के प्रत्याशी शामिल हैं। इन सबके बीच कई प्रत्याशी ऐसे हैं जिन्होंने कानून की पढ़ाई की है। पुरुष प्रत्याशियों में अधिकतर ने अपना पेशा निजी व्यवसाय बताया है। आमने-सामनेवार्ड 34: भाजपा नेता सह तीन दोस्त एक-दूसरे को देंगे टक्कर हरेक वार्ड के प्रत्याशी अब हित-रिश्तेदारों को साधने के साथ मतदाताओं को लुभाने के लिए हर कदम उठाने की तैयारी में जुट गए हैं। हरेक वार्ड का मुकाबला रोचक होने जा रहा हैं। लेकिन सबसे अधिक रोचक मुकाबला वार्ड 34 में होगा। क्योंकि, विद्यानगर,यमुना नगर-गंगा नगर,करम चौक सहित अन्य स्लम मुहल्लों से जुड़े इस वार्ड में कुल 24 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें सबसे बड़ी बात है कि तीन प्रत्याशी ऐसे हैं जो भाजपा के कट्टर कार्यकर्ता के साथ घनिष्ठ मित्र थे। लेकिन वार्ड आरक्षण की वजह से वार्ड 26 के पूर्व पार्षद अरुण कुमार झा, वार्ड 27 के पूर्व पार्षद आेमप्रकाश वार्ड 34 से ही चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि, इस वार्ड के िनवर्तमान पार्षद विनोद सिंह भी इसी वार्ड से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में इस वार्ड से तीनों दोस्त आमने-सामने होंगे। इसके अलावा इन्हें चुनौती देने इस बार 7 महिला प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में उतर चुकी हैं। इससे वार्ड का मुकाबला रोचक होगा। वार्ड संख्या 35 आैर 36 महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड है। इसलिए इन दोनों वार्ड में महिलाओं के बीच ही मुकाबला होगा। वार्ड 35 में मात्र 3 आैर वार्ड 36 में 4 प्रत्याशी मैदान में हैं। ये भी एक-दूसरे को जानती हैं।


