मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत 21 मरीजों को आर्थिक सहायता

आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अनियमितता के मामले में झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी ने हजारीबाग स्थित एचजेडबी फोर्ड एंड ऑर्थो केयर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की है। तय समय पर शो-कॉज का जवाब नहीं देने पर अस्पताल को योजना से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, बीमा कंपनी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रस्तुत एनालाइसिस रिपोर्ट में अस्पताल में गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं। इस पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी ने अस्पताल को 20 सितंबर 2024, 30 मई 2025 और 23 सितंबर 2025 को अस्पताल के अधिकृत ई-मेल आईडी पर पत्र भेजा। लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई जवाब नहीं दिया गया। स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर रिमाइंडर भी भेजा गया। बावजूद अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए अस्पताल को योजना से निलंबित करने का निर्णय लिया गया। हालांकि, निलंबन अवधि के दौरान निर्देश दिया गया है कि वर्तमान में भर्ती आयुष्मान भारत एवं मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के लाभार्थी मरीजों को डिस्चार्ज होने तक निरंतर और सामान्य उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, निलंबन अवधि में भी अस्पताल में पाई गई अनियमितताओं की जांच प्रक्रिया जारी रहेगी। रांची| राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत गंभीर रोगों से पीड़ित जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत प्रदान की गई है। झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 24 मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 21 मरीजों को चिकित्सीय सहायता राशि स्वीकृत की गई। इन सभी मरीजों को 5 लाख से 10 लाख रुपए तक की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। मरीजों का इलाज रांची, धनबाद, जमशेदपुर सहित वेल्लोर, वाराणसी के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में कराया जा रहा है। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि भविष्य में सभी आवेदनों के साथ मरीज की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, हॉस्पीटल एस्टीमेट लेटर और सिविल सर्जन द्वारा सत्यापन जरूरी है।

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