पोर्ट तक माल पहुंचाने का 50 फीसदी किराया अनुदान देगी सरकार सात नई नीतियां लाने के साथ ही सरकार ने हर सेक्टर को लक्ष्य बनाकर उप नीतियां भी निवेशकों के लिए रेड कारपेट की तरह बिछा दी हैं। यह सेक्टर टेक्सटाइल, डेयरी, फार्मा, मेडिकल डिवाइस से जुड़ी हैं, जिनमें मप्र को बड़े निवेश की उम्मीद है। पहली बार सरकार एक्सपोर्ट पॉलिसी लेकर आई है, जिसमें पोर्ट तक माल पहुंचाने के लिए 50 फीसदी किराया अनुदान देगी। इसके साथ ही मप्र को लॉजिस्टिक हब बनाने के फॉमूले भी शामिल किए गए है। जीआईएस में इन सभी पॉलिसीज को उद्योगपतियों को सामने रखकर मप्र की ब्रांडिंग होगी। औद्योगिक संवर्धन नीति 2025 में सेक्टर वाइस 10 अन्य नीतियों को समाहित करते हुए उद्योगों की प्राथमिकताओं और जरूरतों के हिसाब से सहूलियतें दी गई है। ज्यादा रोजगार पैदा हो सकें और निवेशकों को भी आसानी हो। ज्यादा निवेश और रोजगार देने वाले इन्वेस्टर्स के लिए कस्टमाइज पैकेज का प्रावधान भी रखा है। सरकार पहली बार पंप हाइड्रो स्टोरेज (पीएचपी) योजना भी लेकर आई है। दिन में विंड और सोलर एनर्जी से पानी को लिफ्ट कर ऊंचे स्थान पर स्टोर किया जाएगा। रात में पानी से टर्बाइन चलाकर बिजली बनाई जाएगी। नए रोजगार पर 5 साल तक प्रति कर्मचारी 5 हजार रुपए सैलेरी इन्सेंटिव सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सीएनजी वाहनों को टैक्स में 1% की छूट { टीएंडसीपी मास्टर प्लान में पीएनजी-सीएनजी नेटवर्क और डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशन का प्रावधान करेगा। { बिल्डिंग प्लान में गैस पाइप लाइन के बुनियादी ढांचे को अनिवार्य किया जाएगा। { नगरीय निकायों को रोड के आरओयू में पाइपलाइन बिछाने की अनुमति का प्रावधान करना होगा। { सीएनजी वाहनों पर लाइफ टाइम मोटरयान टैक्स में 1% की छूट दी जाएगी। सभी मंजूरी ऑनलाइन सिंगल विंडो से होगी। एक्सपोर्ट प्रमोशन : 1 लाख करोड़ ले जाने का लक्ष्य


