राजस्थान में सवा चार कराेड़ लाेग खाद्य सुरक्षा याेजना के तहत राशन प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे परिवाराें के संबंध में राज्य सरकार का खाद्य विभाग डिटेल जुटाने जा रहा है कि इनमें से काैनसे परिवाराें के पास कार है। निचले स्तर पर इसकी डिटेल जुटाई जाएगी । इसके बाद ऐसे परिवाराें का इस याेजना में नाम काटा जाएगा। यानी राशन का गेहूं या अन्य सामान नहीं मिल सकेगा। इसे लेकर खाद्य एवं नगारिक आपूर्ति विभाग ने पिछले तीन महीने से गिव अप अभियान चला रखा है। इसमें अब तक करीब 9 लाख लाेगाें के नाम काटे जा चुके है। अलवर, जयपुर, उदयपुर और बांसवाड़ा में ज्यादा नाम काटे
सर्वाधिक 75 हजार से अधिक व्यक्तियों के नाम अलवर जिले में हटाए गए। सर्वाधिक नाम हटाने वालों में दूसरे स्थान पर जयपुर जिला है जहां 45 हजार से अधिक व्यक्तियों के नाम हटाए गए। तीसरे पर उदयपुर और बांसवाड़ा में 45- 45 हजार से अधिक अपात्र लोगों के नाम हटाए गए। भीलवाड़ा में 38 हजार से अधिक, भरतपुर और नागाैर में 25 हजार से अधिक, सीकर, सवाई माधाेपुर में 22 हजार, अजमेर, सवाई माधाेपुर झुंझुनूं, जाेधपुर, धाैलपुर में करीब 20 हजार नाम काटे गए है। ऐसे कटा सकते हैं नाम वरना रिकवरी का खतरा सक्षम और अपात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना से नाम हटाने के लिए स्थानीय उचित मूल्य की दुकान जाना होगा। वहां पर निर्धारित फॉर्म भरना होगा। यह फार्म एक तरह का घोषणा पत्र है जिसके जरिए व्यक्ति द्वारा स्वयं की इच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना के तहत लाभ नहीं लेने की अपील की जाती है। जो परिवार अपात्र हैं या जो सक्षम हैं। उन्हें यह फार्म भरकर जमा कराना है। कृषि वाहनाें की छूट, सिर्फ कार वाले चिन्हित हाेंगे कई लाेग आर्थिक रूप से मजबूत हाेकर भी गरीबाें के हिस्से का अन्न खा रहे हैं। इसी व्यवस्था में सुधार के लिए अभियान सहित कई और कदम उठाएं जाएंगे। अब कार मेंटेन करने वाला भी गरीबाें का गेहूं लेगा ताे उस पर कार्रवाई हाेगी। निचले स्तर पर हम सब पता लगा लेंगे। हालांकि ट्रैक्टर और कृषि वाहनाें काे छूट मिलेगी।
– सुमित गाेदारा, खाद्य मंत्री


