ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग में 100 करोड़ से ज्यादा का घोटाला सामने आया है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। दरअसल प्रदेश के 3200 ग्राम विकास अधिकारियों काे सिंगल ओटीपी के माध्यम से भुगतान करने की ढील दी गई ताकि संविदाकर्मियाें काे समय पर भुगतान हाे सके। लेकिन वीडीओ ने इसका फायदा उठाते हुए मानदेय की जगह पर फर्जी बिल लगाकर खुद के और अपने रिश्तेदारों के खाते में ही भुगतान कर लिया। 10 जिले ऐसे हैं जहां 5 करोड़ से ज्यादा गबन हुआ। सबसे ज्यादा बाड़मेर में 16 करोड़ और नागौर में 12 करोड़ का गबन हुआ। कई ऐसे मामले है जिनमें वीडीओ ने 20 से ज्यादा ट्रांजेक्शन के माध्यम से सरकारी राशि अपने खाताें में ट्रांसफर की। पंचायत समितियाें में यह मामला बीडीओ तक पहुंचा ताे इसे दबा दिया गया। अब पंचायती राज विभाग इसकी जांच करवा रहा है। बड़े पैमाने पर मुकदमे हाे सकते है। 4 जिलों के उदाहरणों से समझें…वीडीओ अपने खातों में कर रहे भुगतान के ट्रांजेक्शन 1. 42 ट्रांजेक्शन, 44 लाख ट्रांसफर
उदयपुर जिले के गोगुंदा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत गोगुंदा, दादीया, मजावड़ी के वीडीओ सुरेंद्र कुमार नागलिया ने कुल 44 लाख का भुगतान सिंगल ओटीपी से किया। इसमें 42 बार अलग-अलग ट्रांजेक्शन से खुद के खाते में करीब 11.10 लाख रुपए ट्रांसफर किए। उसके अलावा अपने रिश्तेदार व परिचितों के खाते में भुगतान किया। 2. 2 साल में बदले खाते
झुंझुनूं जिले की ग्राम पंचायत नयासर, पातुसरी के वीडीओ खीचड़ ने 35 से ज्यादा बार सिंगल ओटीपी के माध्यम से 1.20 करोड़ से ज्यादा का भुगतान कर दिया। केवल दो साल में ही उन्होंने अपने रिश्तेदारों के खाते जोड़कर सभी भुगतान किए। 3. सफाई के फर्जी बिल लगाए
बालोतरा जिले के ग्राम पंचायत खुडाला कनिष्ठ सहायक कौशलाराम ने 8.56 लाख का भुगतान सिंगल ओटीपी से कर दिया। इसमें साफ-सफाई के पेटे फर्जी बिल लगाकर अपने रिश्तेदारों के खाते में भुगतान कर लिया। वीडीओ खेताराम ने भी साफ सफाई के पेटे 40 हजार का फर्जी भुगतान किया। 4. 6.50 लाख का भुगतान
सलूंबर जिले के वीडियो वीरेंद्र सिंह ने सिंगल ओटीपी से करीब 8 लाख का भुगतान किया। इसमें 10 बार से ज्यादा ट्रांजेक्शन से खुद के खाते में करीब 2 लाख से अधिक राशि ट्रांसफर कर दी। वहीं लेबर के नाम पर 6.50 लाख का भुगतान भी अपने परिचितों के खाते में किया। रिकवरी कर रहे हैं – सचिव
इन मामलाें में कई अधिकारियों को नोटिस जारी कर चुके है। गलत भुगतान की रिकवरी भी कर रहे हैं।
-डॉ. जोगाराम, सचिव, पंचायतीराज विभाग


