ऑनलाइन शॉपिंग में पार्सल से आने वाले महंगे मोबाइल निकालने के मामले में पुलिस ने मास्टर माइंड को गिरफ्तार किया है। मामले में पुलिस एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उससे पूछताछ के आधार पर ही पुलिस मास्टर माइंड तक पहुंची। ये आरोपी पार्सल से महंगा मोबाइल निकाल लेते थे और उसकी जगह टूटा हुआ पुराना मोबाइल रख देते थे। इनका ये खेल लंबे समय से चल रहा था। गिरफ्तार आरोपी के पास से पौने चार लाख रुपये की कीमत के 8 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार वन वर्ल्ड लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के एरिया मैनेजर अजय शर्मा ने 17 मई 2024 को मामला दर्ज करवाया था कि उनकी कंपनी विभिन्न ई कॉमर्स वेबसाइट से ऑनलाइन शॉपिंग के आर्डर की डिलीवरी करती है। उसके यहां डिलीवरी बॉय वीरेंद्र सिंह 13 मई को 57 पार्सल डिलीवरी के लिए ले गया। शाम को जब बचे हुए पार्सल की जांच की गई, तो पता चला कि करीब 4.80 लाख रुपये के फोन और इयरफोन गायब थे। यह रिपोर्ट दर्ज होते ही वीरेंद्रसिंह फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच की तो सामने आया कि वीरेंद्र सिंह पुत्र जगदीश सिंह निवासी गेलासर ले अपने साथी इंद्र सिंह उर्फ हैप्पी सिंह निवासी संजय कॉलोनी नागौर के साथ मिलकर 10 मोबाइल और 1 ईयर बड के पार्सल को तोड़कर उनमे टूटे फूटे मोबाइल व पत्थर के टूकड़े रख दिए और वापस कंपनी में जमा करवा दिए। एक सप्ताह पूर्व पुलिस ने इस मामले में वीरेंद्रसिंह को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद ही पूरी वारदात का खुलासा हुआ और उसके साथी इंद्रसिंह का नाम भी सामने आया। जिस पर मंगलवार को पुलिस ने लोसल (सीकर) से इंद्रसिंह को गिरफ्तार कर लिया। अपने साथी के एरिया में खुद ही देता था आर्डर आरोपियों ने इस वारदात के लिए शातिर तरीका अपनाया। इन्द्र सिंह उर्फ हैप्पी सिंह ई कॉमर्स साइट पर अलग-अलग नाम से मोबाइल आर्डर करता था। हर आर्डर में वह एड्रेस उस एरिया का देता था जिसमें डिलीवरी वीरेंद्रसिंह करता था। कूरियर कंपनी के ऑफिस में पार्सल आने पर वह बीट के अनुसार वीरेंद्रसिंह को मिलते थे। वीरेंद्रसिंह इन पार्सल को लेकर ऑफिस से निकल जाता। इसके बाद दोनों मिलकर पार्सल को खोलते और उसमें टूटा हुआ पुराना मोबाइल रखकर वापस पैक कर देते। इसके बाद नो रेस्पोंस बताकर शाम को वापस कूरियर कंपनी के ऑफिस में जमा करवा देते। आर्डर देते समय इंद्रसिंह हमें कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन सलेक्ट करता था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद नहीं बेचे मोबाइल आरोपियों ने शुरुआत में कुछ मोबाइल अपने रिश्तेदारों को बेचें। कूरियर कंपनी की ओर से मामला दर्ज करवाने के बाद वीरेंद्रसिंह फरार हो गया। रिपोर्ट में केवल वीरेंद्रसिंह का नाम था जबकि इंद्रसिंह की जानकारी किसी को नहीं थी कि वह भी इस वारदात में शामिल है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपियों ने कोई मोबाइल नहीं बेचा, क्योंकि इन्हें पकड़े जाने का डर था। इस मामले में सब इंस्पेक्टर एवं जांच अधिकारी शिवसिंह नेगी ने बताया कि- कंपनी के एरिया मैनेजर ने कूरियर बॉय वीरेंद्र सिंह के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दी थी। उसके बाद से ही वह फरार चल रहा था। एक सप्ताह पूर्व वीरेंद्र को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो इंद्रसिंह का नाम सामने आया। वह इसका मास्टर माइंड है। अब आरोपी से पूछताछ की जा रही है।


