जिला प्रशासन के कोटा केयर्स अभियान के तहत जिला कलक्टर डॉ.रविन्द्र गोस्वामी बारां रोड स्थित सुपथ कैम्पस में नीट स्टूडेंट्स की क्लास में पहुंचे। उन्होंने नीट के 85 दिन पहले की तैयारी के लिए टिप्स और ट्रिक्स भी बताए। उन्होंने स्वयं के अनुभव साझा करते हुए बच्चों को मोटिवेट रहने की बात कही। उन्होंने रिवीजन और स्टडी के मैथेड्स भी बताए। इस दौरान छात्राओं ने भी सवाल पूछे और अपने मन की बातें भी साझा की। कलक्टर डॉ.रविन्द्र गोस्वामी कहा कि स्टूडेंट्स को अपना अटेंशन स्पान समझना चाहिए। इसके अनुसार ही प्लानिंग करनी चाहिए। हम कितनी देर पढ़ सकते हैं। यह समझते हुए ही छोटी-छोटी प्लानिंग करें। ऐसे में एक्जीक्यूशन अच्छा हो सकेगा। आउटपुट ज्यादा आएगा। कई बार हम प्लानिंग लम्बी कर लेते हैं और एक्जीक्यूशन हमारे अटेंशन स्पान से ज्यादा लम्बा हो जाता है। इससे मामला बिगड़ जाता है। छोटे स्पेल में प्लानिंग करें, छोटे स्पेल में ही एक्जीक्यूशन करें और स्वयं को छोटे-छोटे रिवॉर्ड दें। डॉ.रविन्द्र गोस्वामी ने कहा कि मोबाइल हमारा शत्रु है। जब पढ़ाई करते हैं तो ध्यान में आता है कि कोई रील मिस तो नहीं हो गई, जब रील देख रहे होते हैं तो पछतावा होता है कि पढ़ाई करते तो अच्छा रहता। इस अपराधबोध से बचने के लिए हमें दोनों का समय निर्धारित करना चाहिए। जब पढ़ाई करें तो सिर्फ पढ़ाई में ही ध्यान हो और जब रील देखेंगे तो पूरे ध्यान से ही देखेंगे। उन्होंने कहा कि पढ़ाई में मन लगाओ, यदि पढ़ाई में मन लग रहा है तो आप थकोगे नहीं, आपको मजा आएगा, जो काम करना चाहते हो यदि वो ही कर रहे हो तो फिर वो नौकरी नहीं जिंदगी है, शरीर थक सकता है दिमाग नहीं और हमेशा नई ऊर्जा में खुद को महसूस करते हैं। छात्राओं से सेल्फ डाउट, बैकलॉग, टेस्ट प्रिपेरेशन, रिवीजन, एंजाइटी, डिप्रेशन, मार्क्स डिक्रिज, कॉन्फीडेंस की कमी जैसे विषयों पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि बैकलॉग सबका होता है। कोई ऐसा नहीं है जो यह कह सके कि मैंने पूरा पढ़ लिया और फिर भी मेरे पास समय है। हमें पढ़ने के तरीके के बारे में सोचना चाहिए। हम स्मार्टली रिवीजन करें। की-वर्ड्स बनाएं। कापी के जिन पेज पर डिफिकल्टीज है, उनके की-वर्ड बनाकर उसी पेज के कोने पर लिख दें। इसके अलावा जब कभी रूटीन काम से छुट्टी मिल जाए, क्लास नहीं हो तो रिवीजन पर ध्यान देना चाहिए।


