लोहंडीगुड़ा | जनपद उपाध्यक्ष डॉ. बसंत कश्यप ने कहा कि परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए तनावमुक्त भविष्य की दिशा में एक सार्थक पहल बनकर सामने आया है। परीक्षा को कभी भी बोझ न समझें, बल्कि इसे अपने ज्ञान, क्षमता और परिश्रम को परखने का अवसर मानें। आज का युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है, जिसकी आवश्यकता अनुसार सकारात्मक और सीमित सहायता ली जा सकती है। हालांकि, इसका दुरुपयोग न कर स्वयं की सोच और समझ को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि योग, ध्यान और प्राणायाम से मानसिक तनाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है, जिसका सीधा लाभ परीक्षा परिणामों में दिखाई देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को महापुरुषों की जीवन गाथाओं से प्रेरणा लेने की भी बात कही, जिससे संघर्षों का सामना करने की शक्ति मिलती है।


