छिंदवाड़ा में सीएमएचओ के नाम पर 50 हजार रुपए की रिश्वत लेने के मामले में संविदा डाटा मैनेजर जितेंद्र यदुवंशी पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने सख्त कार्रवाई की है। अपर मिशन संचालक ने आदेश जारी कर उन्हें तत्काल प्रभाव से छिंदवाड़ा से हटाकर जबलपुर सीएमएचओ कार्यालय में अटैच कर दिया है। साथ ही जांच पूरी होने तक उन्हें शासकीय कार्य से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं और इस अवधि में उन्हें केवल 50 प्रतिशत वेतन मिलेगा। बताया गया कि रोहनकला में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर पुष्पा बरकड़े किडनी की गंभीर बीमारी और दिव्यांगता से जूझ रही हैं। इलाज में सुविधा के लिए उन्होंने सीएमएचओ कार्यालय में अटैचमेंट का आवेदन दिया था। जनसुनवाई में कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ को उन्हें कार्यालय में अटैच करने के निर्देश दिए थे। जब पुष्पा बरकड़े आदेश लेकर सीएमएचओ कार्यालय पहुंचीं, तो वहां पदस्थ डाटा मैनेजर जितेंद्र यदुवंशी ने अटैचमेंट के बदले पैसों की मांग कर दी। शिकायत के बाद कार्रवाई करते हुए एजेंसी ने ट्रैप बिछाया और 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए यदुवंशी को रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ट्रैप कार्रवाई के बाद उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, लेकिन उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद यह प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।


