प्रदेश सरकार के वन मंत्री संजय शर्मा ने रोजाना एक पौधा मां के नाम अभियान के तहत बुधवार को जिला अस्पताल में पौधरोपण करने के बाद कहा कि अलवर में पानी पर सरकार का पूरा फोकस है। अगले एक साल में सिलीसेढ़ का पानी अलवर आ जाएगा। उससे पहले अलवर में 126 बोरवेल कराए जाएंगे। पिछले साल विधायक निधि का पूरा 5 करोड़ का बजट पानी पर खर्च हो रहा है। 5 करोड़ का बजट पानी के लिए अलवर शहर में सिलीसेढ़ योजना के तहत पिछले साल सरकार से बजट मिला था। जिसका टेंडर हो चुका है। आने वाले समय में तेज गति से काम होगा। 1 साल में सिलीसेढ़ से अलवर पानी आ जाएगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने 128 बोरवेल स्वीकृत हुए हैं। भाखेड़ा बांध को बनाने के टेंडर हो चुके हैं। हाल में विधायक निधि का पूरा 5 करोड़ रुपए का बजट पानी को लेकर दिया था। ताकि अलवर शहर में गली मोहल्ले व कॉलोनियों में रह रहे अंतिम छोर तक पानी मिल सके। बोरवेल ऐसी जगह होंगे जहां पानी उपलब्ध है। उनके जरिए टंकियों का भरा जा सकेगा। इस साल 10 करोड़ पौधे लगाएंगे वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि प्रकृति को वापस लौटना जरूरी है। तभी पर्यावरण संतुलन रह सकेगा। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने मां के नाम पौधा लगाने का आह्वान किया। उसी अभियान के तहत हम लगातार पौधराेपण करने में लगे हैं। पिछले साल पूरे राजस्थान में 7 करोड़ पौधे लगाए गए। इस साल 10 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। प्रयास यही है कि लगाए जाने वाले अधिक से अधिक पौधे जीवित भी रख सकें। वन मंत्री ने कहा कि ईआरसीपी का नाम परिवर्तन हुआ है। जो योजना अब रामसेतू के नाम से जानी जाएगी। इस योजना से हमारे प्रदेश के 21 जिलों को पीने का पानी और किसानों को खेती के लिए पानी मिलेगा। यह बड़ी योजना है। हो सकता है कुछ समय लगे। लेकिन अलवर सहित राजस्थान के लोगों को पीने और सिंचाई का पानी मिलेगा।


