अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के आह्वान पर 8 फरवरी को श्रीगंगानगर जिला कलेक्ट्रेट पर सद्बुद्धि यज्ञ किया जाएगा। जिसमें महासंघ से जुड़े विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य शामिल होंगे और आहुतियां देंगे। महासंघ के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार कलवानिया और जिला मंत्री राधेश्याम यादव ने बताया कि राज्य के लाखों कर्मचारी अपनी 11 सूत्रीय मांगों और 7 संकल्पों पर पूरी तरह अडिग हैं। इन मांगों को लेकर 12 जनवरी 2026 को जयपुर में हजारों कर्मचारियों ने चेतावनी महारैली निकाली थी, जिसमें अपना आक्रोश जाहिर किया गया। इस रैली के बाद मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक घोषणा भी की थी। महासंघ के प्रवक्ता रविन्द्र शर्मा ने कहा कि कर्मचारी संगठन आगामी राज्य बजट के बाद अपनी मांगों को लेकर नई रणनीति तैयार करेगा। फिलहाल सद्बुद्धि यज्ञ के माध्यम से सरकार को कर्मचारियों की दृढ़ इच्छाशक्ति और सद्बुद्धि की अपील की जा रही है। यह यज्ञ कर्मचारियों के संघर्ष को मजबूती देने और मांगों की पूर्ति के लिए सामूहिक संकल्प का प्रतीक होगा। मुख्य मांगों में पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) बहाली, वेतन विसंगतियां दूर करना, समान काम-समान वेतन, न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये तय करना, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, पदोन्नति में तेजी (DPC) और अन्य लंबित मुद्दे शामिल हैं। महासंघ ने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा।


