ग्वालियर साइबर क्राइम पुलिस ने नोएडा के एक हॉस्टल से तीन छात्रों को गिरफ्तार किया, जो दो साल से साइबर ठगी का रैकेट चला रहे थे। पकड़े गए आरोपियों में से एक बीटेक, एक 12वीं और एक बीबीए का छात्र है। पहले तीनों ने खुद को इंजीनियरिंग के छात्र बताया था, लेकिन जांच में सिर्फ एक के बीटेक स्टूडेंट होने की पुष्टि हुई। तीनों आरोपी हॉस्टल के रूम नंबर 225 से ठगी का काम कर रहे थे। पुलिस ने उनके पास से छह बैंक खातों की डिटेल और ATM कार्ड बरामद किए हैं। इनमें से एक खाते में हाल ही में दो लाख रुपए का लेनदेन हुआ था, जो ठगी का ही पैसा था। अभी पांच अन्य खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि ठगे गए दो लाख रुपए कहां से आए और कहां भेजे गए। बुधवार को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी रिमांड मांगेगी। ग्वालियर के टेकनपुर स्थित BSF अकादमी के अधिकारी अवसार अहमद से 71 लाख रुपए की ठगी के मामले में पुलिस ने नोएडा के एक हॉस्टल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी दो साल से बैंक अकाउंट किराए पर देने और ठगी का पैसा चाइनीज गैंग को पहुंचाने का रैकेट चला रहे थे। कौन हैं आरोपी? गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अफताब अहमद खान (झारखंड), अंकित वर्मा (कोटा, राजस्थान) और अखिल सिंह बैस (दिल्ली) के रूप में हुई है। शुरू में तीनों ने खुद को इंजीनियरिंग स्टूडेंट बताया, लेकिन जांच में पता चला कि अफताब बीटेक का छात्र है, अंकित सिर्फ 12वीं पास है और अखिल बीबीए का छात्र है। कैसे चलाते थे ठगी का रैकेट? BSF अधिकारी से ठगी का पैसा इनके खातों में भी आया हाल ही में पुलिस को एक बैंक अकाउंट की डिटेल मिली, जिसमें 29 हजार रुपए BSF अधिकारी से ठगे गए पैसों के थे। इसके अलावा, एक अन्य खाते में दो लाख रुपए का लेन-देन हुआ, जिसकी जांच जारी है। अब तक 20 से ज्यादा बैंक खाते किराए पर दे चुके पूछताछ में पता चला कि आरोपी अब तक 20 से ज्यादा बैंक अकाउंट किराए पर दे चुके हैं। पुलिस अब बाकी पांच खातों की जानकारी जुटा रही है। SP धर्मवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों से कई अहम जानकारियां मिली हैं। बुधवार को कोर्ट में पेश कर फिर से पुलिस रिमांड मांगी जाएगी ताकि पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके।


