कोडरमा जिले के झुमरीतिलैया में एक 72 साल पुरानी जमीन विवाद का मामला सामने आया है। पानी टंकी रोड स्थित एक मकान के मालिक नरेश अग्रवाल के परिवार ने निबंधन कार्यालय के चपरासी टुनटुन राम पर जमीन हड़पने की कोशिश का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार के सदस्य सुमित कुमार ने बताया कि यह जमीन उनके दादा ने 1951 में खरीदी थी। तब से वे लोग वहां मकान बनाकर रह रहे हैं। लगभग सात दशक बीतने के बाद मकान की स्थिति जर्जर हो गई है। हाल ही में उनके परिसर में लगे यूकेलिप्टस के पेड़ के गिरने से आउट हाउस क्षतिग्रस्त हो गया, जिसमें परिवार बाल-बाल बचा। जब परिवार ने मकान की मरम्मत का काम शुरू किया, तो निबंधन कार्यालय के चपरासी टुनटुन राम ने सदर सीओ के माध्यम से काम रुकवा दिया। जब इसका कारण पूछा गया तो उसने मामले को सुलझाने के लिए 40 लाख रुपए की मांग कर दी। परेशान होकर पीड़ित परिवार ने उपायुक्त, एसडीओ और अपर समाहर्ता से मिलकर शिकायत दर्ज कराई है। परिवार का कहना है कि अगर जल्द ही प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करता है, तो उनके जान-माल को खतरा हो सकता है। दबंगई कर के हमारी जमीन को हड़प लिया गया:- टुनटुन इधर, टुनटुन राम ने सुमित कुमार द्वारा लगाए गए सारे आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि उक्त जमीन उनके दादा के द्वारा सन 1942 में खरीदा गया था। हमलोग पिछडे वर्ग से आते हैं, ऐसे में नरेश अग्रवाल व उनके परिवार ने अपने पैसे और पावर का दुरुपयोग करते हुए हमारी जमीन को हड़प लिया। इसके बाद हमलोग न्यायालय भी गए, जहां मामला लंबित है। वहीं, उनके द्वारा अपने पद का धौंस दिखाकर अग्रवाल परिवार को परेशान करने की बात पर उन्होंने कहा कि वे निबंधन कार्यालय में एक मामूली से प्यून के पद पर कार्यरत हैं, ऐसे में वे किसी पर क्या अत्याचार कर सकते हैं।


