शहर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज के तहत किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट शुरू करने की प्रकिया फिर से शुरू होगी। ऐसा करीब 7 माह बाद हो रहा है। एक मई से खाली पड़े नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी डॉक्टर) के पद पर अब नियुक्ति हो गई है। यहां जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल से डॉ. पंकज बेनीवाल को लगाया गया है। वे जल्द ही पदभार ग्रहण करेंगे। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट शुरू करने के लिए राज्य उपयुक्त प्राधिकारी (स्टेट एप्रोप्रिएट अथॉरिटी) को पत्र लिखा जाएगा। इसके लिए आरएनटी के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में ट्रांसप्लांट आईसीयू पहले से बनकर तैयार हो चुका है। ट्रांसप्लांट सुविधा मिलने की आस है। दो ओटी जोड़ेंगे, एक में अंग निकालेंगे, दूसरे में ट्रांसप्लांटेशन होगा यहां ट्रांसप्लांटेशन के लिए दो ऑपरेशन थिएटर (ओटी) बने हुए हैं। दोनों को जोड़कर ट्विन ओटी तैयार किया जाएगा। एक ओटी में किडनी निकाली जाएगी और दूसरे में ट्रांसप्लांट की जाएगी। जल्द ही काम शुरू होगा। राज्य प्राधिकारी की जांच टीम आएगी। अनुमति मिलते ही आरएनटी के तहत सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल (एसएसएच) में यह शुरू होगा। यह प्रक्रिया 7 माह बाद दूसरी बार हो रही है। इससे पहले इसी साल मई के पहले सप्ताह में भी यह टीम पूरी जांच कर चुकी थी, लेकिन उस समय विभाग में कार्यरत डॉ. मुकेश बड़जात्या 31 अप्रैल में रिटायर हो गए थे। मई शुरुआत से ही नेफ्रोलॉजिस्ट का पद खाली हो गया था। ऐसे में प्रकिया अटक गई। अहमदाबाद-जयपुर नहीं जाना पड़ेगा, स्टूडेंट्स को भी फायदा प्रिंसिपल बोले- ट्रांसप्लांट का प्रोसेस करेंगे आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विपिन माथुर का कहना है कि लंबे समय बाद नेफ्रोलॉजी का पद भर रहा है। इससे मरीजों के साथ स्टूडेंट्स को भी फायदा होगा। विभाग में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने की प्रोसेस करेंगे। ऑर्गन रिट्रीवल सुविधा 3 साल पहले शुरू हो चुकी : बता दें कि आरएनटी में 2021 में ऑर्गन रिट्रीवल की सुविधा शुरू हुई। 2024 जनवरी में यूरोलोजी और नेफ्रोलॉजी के डीएम कोर्स के लिए आवंटित 5-5 सीटों पर कोर्स शुरू हुआ। इसके बाद पहली बार मई में ट्रांसप्लांटेशन के लिए राज्य उपयुक्त प्राधिकारी की टीम जांच के लिए आई, लेकिन स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं होने के कारण यह मामला अटक गया। अब फिर से इसकी प्रकिया शुरू होने की संभावना है।


