शहडोल जिले में दो बाघों की मौत के मामले में वन विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। अवैध बिजली करंट की चपेट में आने से एक नर बाघ और एक मादा बाघिन की मौत हुई थी। इस मामले में लापरवाही सामने आने पर डिप्टी रेंजर बृहस्पति पटेल और बीट गार्ड राजेंद्र पूरी को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उत्तर वन मंडल की डीएफओ तरुणा वर्मा द्वारा की गई है। जयसिंहनगर क्षेत्र की घटना यह घटना जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र के मासीरा सर्किल अंतर्गत बीट बनचाचर, कक्ष क्रमांक 382 की राजस्व भूमि पर हुई थी। खेतों की सुरक्षा के लिए लगाए गए अवैध बिजली करंट की चपेट में आने से दोनों बाघों की मौके पर ही मौत हो गई थी। अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार वन विभाग ने इस मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर अवैध रूप से बिजली करंट फैलाने और संरक्षित वन्यजीवों की मौत का कारण बनने के आरोप हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। गश्त और निगरानी में लापरवाही उजागर विभागीय जांच में सामने आया है कि संबंधित बीट में नियमित गश्त, निगरानी और समय पर रोकथाम में गंभीर लापरवाही बरती गई। सूत्रों के अनुसार घटना स्थल के आसपास पहले भी अवैध करंट फैलाने की शिकायतें मिल चुकी थीं, लेकिन उन पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। जांच का दायरा बढ़ाने के संकेत वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। यदि जांच के दौरान अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। वन्यजीव संरक्षण पर उठे सवाल इस घटना के बाद वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मामले में आगे और कितनी जवाबदेही तय की जाती है।


