फाजिल्का जिले के जलालाबाद में आज नशे की बढ़ती लत के खिलाफ निर्णायक जंग का आगाज किया गया। शहर की समस्त समाज सेवी संस्थाओं ने ‘हल्ला बोल’ अभियान के तहत एक मंच पर एकत्रित होकर अपनी आवाज बुलंद की। सिटी थाने से शुरू हुए इस पैदल मार्च के जरिए पूरे शहर में भ्रमण किया गया और आम जनता से इस बुराई को जड़ से मिटाने के लिए सहयोग की अपील की गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज को एकजुट करना है ताकि आने वाली पीढ़ी को बर्बादी से बचाया जा सके। इस मौके पर समाज सेवी सतपाल सोढ़ी ने समाज के प्रबुद्ध वर्ग को सचेत करते हुए कहा कि यदि अच्छे लोग समय रहते संगठित नहीं हुए, तो बुरे तत्व एकजुट होकर पूरे समाज को तहस-नहस कर देंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब चुप बैठने का समय नहीं है, बल्कि हर शहरवासी को एक बड़ी पहल करते हुए आगे आने की जरूरत है। इसी जिम्मेदारी को समझते हुए आज सभी संस्थाओं ने एक साथ आकर नशे के खिलाफ इस विशेष रैली के माध्यम से जन-आंदोलन की नींव रखी है। समाज सेवी हरीश सेतिया ने नशा तस्करी पर कड़ा प्रहार करते हुए लोगों से अपील की कि वे अपने आस-पास नशा बेचने वालों की सूचना बिना किसी डर के पुलिस प्रशासन को दें। उन्होंने आगाह किया कि नशे के कारण आज कई घरों के चिराग बुझ चुके हैं और कई परिवारों में केवल बुजुर्ग महिलाएं ही शेष रह गई हैं, जिनके पास अब पछतावे के सिवा कुछ नहीं बचा। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि अब भी समाज जागरूक नहीं हुआ, तो हालात और भी भयावह हो सकते हैं। मार्च के दौरान प्रशासन की ओर से लोगों को यह भरोसा दिलाया गया कि नशा तस्करों की जानकारी देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा। समाज सेवियों ने युवाओं और उनके परिवारों से आह्वान किया कि वे अपने घरों को उजड़ने से बचाने के लिए इस अभियान का हिस्सा बनें। यह पैदल मार्च शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए एक कड़ा संदेश देने में सफल रहा कि जलालाबाद की जनता अब नशे के सौदागरों को बर्दाश्त नहीं करेगी।


