जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में इस में भर्ती एक मरीज की मौत हो गई। मैरिज आईसीयू से बाहर निकाल कर दूसरी मंजिल से पहली मंजिल तक आ गया था इसके बाद उसे वापस आईसीयू में ले जाया गया जहां मरीज की मौत हो गई। दरअसल, पुष्पेंद्र सिंह पुत्र अमर सिंह मल्टीलेवल आईसीयू के सेकंड फ्लोर पर बेड नंबर 12 पर भर्ती था। परिजनों का आरोप है कि मैरिज ने स्टाफ की लापरवाही के चलते नाक में लगी नली और अन्य जगहों पर लगे ड्रिप को हटाकर वहां से नीचे चला गया। इस दौरान स्टाफ ने कोई ध्यान नहीं दिया। मरीज नीचे से फर्स्ट फ्लोर पर पहुंच गया और फिर लिफ्ट के पास गिर गया। जहां ज्यादा खून निकलने के कारण उसकी मौत हुई है। परिजनों ने मामले की जांच कर स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि स्टाफ के लापरवाही के चलते मरीज की जान गई है। परिजनों ने संबंध में अस्पताल प्रशासन को एक शिकायत दी है। इसके बाद परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए डेड बॉडी लेकर चले गए। जांच के लिए कमेटी गठित वहीं, मथुरादास माथुर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया कि 4 तारीख से आईसीयू में मरीज भर्ती था। वह एल्कोहलिक लिवर डिजीज के पेशेंट से और बहुत इरिटेबल थे। रात को भी अटेंडेंट को साथ बैठाया जाता था। स्टाफ वगैरह सब उपस्थित थे लेकिन वह अचानक से सब कुछ निकालना बाहर चले गए। स्टाफ ने भी रोकने की कोशिश की लेकिन वह नीचे चले गए इसके बाद उन्हें ऊपर लेकर के आगे जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। स्टाफ वही था उन्हें रोकने की भी कोशिश की और फिर ऊपर भी लेकर के आए । लेकिन फिर भी परिजनों की मांग को देखते हुए उनका सीनियर अधीक्षक रहे डॉ. गणपत की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी मामले की जांच करेगी और यदि किसी स्टाफ ने किसी तरह की लापरवाही बरती है तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।


