भास्कर न्यूज | धौलपुर सेामवार से पौष माह का शुभारंभ हो गया। इस माह 16 पर्व व त्योहार आएंगे, जिसके चलते यह पुण्य का महीना भी कहलाता है। इसमें सर्दी का प्रकोप बढ़ता है, जिसकी वजह से भगवान को पौष खिचड़ा का भोग लगाया जाता है। मंदिरों में पौषबड़ा महोत्सव आयोजित होगा। जिसमें भगवान को दाल व गर्म मसालों से बने पौष बड़ा और गाजर, मूंगदाल का हलवा प्रसादी का भोग लगाया जाएगा। इसके अलावा बाजरे की खिचड़ी, कढ़ी सहित गर्म तासीर के खाद्य पदार्थो का भोग लगाया जाएगा। महंत कृष्णदास ने बताया कि पौष का महीना 13 जनवरी तक रहेगा। पुराणों में कहा गया है कि पौष में सूर्य पूजा करने से उम्र बढ़ती है। हर महीने सूर्य अलग रूप की पूजा करने का विधान है, इसलिए पौष मास में भग नाम के सूर्य की उपासना की जाती है। पौष मास में गंगा, यमुना, अलकनंदा, शिप्रा, नर्मदा, सरस्वती जैसी नदियों और प्रयागराज के संगम में स्नान करने की परंपरा है। पौष मास में रोज सुबह जल्दी उठना चाहिए, स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य अर्पित करना चाहिए। इस में महीने में पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना करें। स्नान करते समय सभी तीर्थों का और पवित्र नदियों का ध्यान करेंगे तो घर पर ही तीर्थ स्नान करने का पुण्य मिल सकता है। धूप से विटामिन डी मिलता है, जिससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। ठंड से होने वाली बीमारियों से बचाव होता है।


