बालाघाट पुलिस ने दयानंद नगपुरे हत्याकांड के आखिरी फरार आरोपी रितेश माहुले को गिरफ्तार कर लिया है। भरवेली थाना पुलिस ने बुधवार को 10 के ईनामी आरोपी पकड़ा है। तीन लाख की सुपारी देकर कराया मर्डर मामला 29 दिसंबर का है। भरवेली थाना क्षेत्र के भानपुर और कुटिया के जंगल से एक कार में दयानंद नगपुरे का शव मिला था। जांच में पता चला कि चिखला निवासी दयानंद की हत्या ट्रेडिंग में पैसे डबल करने के विवाद में की गई थी। मुख्य आरोपी भार्गव सिहोरे ने अपने दोस्तों हिमांशु बम्बुरे और रितेश माहुले के साथ मिलकर तीन लाख रुपए में सुपारी किलर्स को ठेका दिया था। कॉन्ट्रैक्ट किलर्स ने गला रेत कर की हत्या तीन कॉन्ट्रैक्ट किलर्स – निलेश सुलाखे, शंकर नगपुरे और कृष्णा नगपुरे ने तार से गला रेतकर दयानंद की हत्या की। शव को उसी की कार में छोड़ दिया। पुलिस ने पहले ही भार्गव सिहोरे और तीनों कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को गिरफ्तार कर लिया था। 17 जनवरी को हिमांशु बम्बुरे भी पकड़ा गया, लेकिन रितेश माहुले फरार चल रहा था। थाना प्रभारी संजय ऋषिश्वर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रितेश को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। धापेवाड़ा निवासी रितेश की गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक जयदीप सिंह भदौरिया समेत कई पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।


