ओंकारेश्वर में बुधवार को माघी पूर्णिमा पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने नर्मदा स्नान कर ओंकार महाराज के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर परिसर क्षेत्र में लंबी कतार लगी रहीं। शाम 5 बजे तक ओंकारेश्वर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा करीब 50 हजार रहा। पंडित गणेश मार्कंडेय ने बताया कि नर्मदा नदी को भगवान शिव की नासिका से निकली हुई मानस पुत्री माना जाता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार नर्मदा के दर्शन मात्र से ही मनुष्य को पापों से मुक्ति मिलती है। ऐसे में नर्मदा स्नान और नर्मदा नदी के पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने को विशेष फलदायी माना जाता है। माघी पूर्णिमा पर ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पंडित गणेश मार्कंडेय के मुताबिक, प्रयागराज में पवित्र गंगा, जमुना, सरस्वती नदी के संगम में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को भी वही पुण्य प्राप्त होता है, जो पवित्र नर्मदा नदी में स्नान करने वालों को होता है। प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा के दिन ओंकारेश्वर तीर्थ स्थल पर बड़ी मात्रा में श्रद्धालु यहां स्नान के लिए पहुंचते हैं।


