लुधियाना में रेत खनन को लेकर विवाद:ग्रामीणों ने रोके रेत भरे टिप्पर, ठेकेदार और ग्रामीण आमने-सामने, कोर्ट में मामला

पंजाब के लुधियाना जिले में सतलुज बांध के पास रेत खनन को लेकर शनिवार शाम ग्रामीणों और रेत ठेकेदारों के बीच विवाद हो गया। माछीवाड़ा साहिब के गांव ईसापुर के नजदीक ग्रामीणों ने रेत से भरे टिप्परों को रोक दिया। इसको लेकर विवाद हुआ। ग्रामीणों ने अवैध खनन और ठेकेदारों पर मनमानी का आरोप लगाया। ग्रामीणों की अगुवाई कर रहे परमजीत सिंह और मनराज सिंह लुबानगढ़ ने बताया कि रेत निकालने का यह रास्ता उनके गांवों से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस रास्ते के लिए स्टे ऑर्डर ले रखा है, क्योंकि यह बांध उनकी जमीन में बना हुआ है और इसका मामला माननीय अदालत में विचाराधीन है। ग्रामीण बोले- कोर्ट में पक्ष रखने को नहीं जा रहे ठेकेदार जानकारी के अनुसार, रेत कारोबारियों ने गांव मंडाला (जो नवांशहर जिले में पड़ता है) की जमीन में सतलुज दरिया से रेत निकालने का काम शुरू किया था। जैसे ही आसपास के गांवों के लोगों को इसकी सूचना मिली, वे सतलुज बांध पर इकट्ठा हो गए और रेत ले जा रहे टिप्परों को रोक लिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रेत ठेकेदार अदालत में अपना पक्ष रखने के लिए नहीं जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर इस बांध से रेत के टिप्परों को नहीं गुजरने देंगे। ठेकेदार बोले- हमें रेत उतारने की अनुमति मौके पर पहुंचे रेत ठेकेदारों के प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्हें रेत उठाने की अनुमति मिली हुई है। उन्होंने दावा किया कि एसडीओ स्वयं आकर रेत निकालने का काम शुरू करवा कर गए हैं। ग्रामीण जानबूझकर परेशान कर रहे हैं। वे नियमों के अनुसार काम कर रहे हैं। अगर विरोध इसी तरह चलता रहा तो वे काम बंद कर देंगे। बांध से गुजरने की आज्ञा लेने की ज़रूरत नहीं – एसडीओ*
जब इस संबंध में माइनिंग एसडीओ साहिल पठानीय से बात की गई तो उन्होंने बताया कि रेत उठाने का काम मेरे द्वारा ही शुरू करवाया गया है। उन्होंने कहा कि काम शुरू किए जाने की सभी परमिशन ठेकेदारों के पास हैं। उन्होंने कहा रेत के टिप्पर बांध से निकलने की आज्ञा लेने की ज़रूरत नहीं है, वो निकल सकते हैं। उन्होंने कहा कि रेत ठेकेदारों को ये निर्देश दिए गए हैं कि यदि बांध का कोई नुकसान होगा तो ठेकेदारों द्वारा ठीक करवाया जाएगा।
*गांववासी विरोध करेंगे तो काम बंद कर देंगे – सरबजीत सिंह*
रेत ठेकेदारों की ओर से सरबजीत सिंह ने बताया कि यदि गांववासी विरोध जताएंगे, तो हम काम बंद कर देंगे। किसी भी हालत में लोगों को ठेस पहुंचने नहीं देंगे। उन्होंने कहा गांववासियों के साथ बैठक की जाएगी, अगर गांववासी आज्ञा देंगे, तो ही काम चलाएंगे, उतनी देर तक काम पर रोक लगा दी गई है।
*रेत ठेकेदारों ने विधायक की बात को किया अनदेखा*
पिछले दिनों में इसी जगह गांववासियों के साथ हल्का विधायक जगतार सिंह दयालपुरा की एक विशाल बैठक हुई थी, जिस में उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना था। विधायक ने उस समय ये स्पष्ट किया था कि रेत माइनिंग वैध हो या अवैध, वो अपने क्षेत्र में किसी कीमत पर नहीं होने देंगे। लेकिन आज उनकी बात को अनदेखा कर रेत ठेकेदारों ने रेत उठाने का काम शुरू कर दिया।
पत्रकारों से उलझा रेत ठेकेदारों का एक करिंदा*
मौके पर पहुंचे पत्रकारों द्वारा जब ठेकेदारों से उनका पक्ष जानने के लिए उनसे बात करनी चाही तो सरबजीत सिंह द्वारा अच्छे से अपना पक्ष दिया गया। लेकिन वहां खड़े एक करिंदा पत्रकारों से ही उलझ गया कि आपको कोई अधिकार नहीं है कि हम से कोई सवाल करो। हम आपकी बातों का जवाब देना जरूरी नहीं समझते

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