छत्तीसगढ़ के पूर्व कैबिनेट मंत्री कवासी लखमा जेल से रिहा होने के बाद पहली बार 7 फरवरी को कोंडागांव पहुंचे। उनके आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बस्तर के प्रवेश द्वार केशकाल से कोंडागांव तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक भव्य बाइक रैली निकाली। सुबह करीब 7 बजे रायपुर नाका से रेस्ट हाउस तक निकाली गई इस रैली में सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान ‘देखो-देखो कौन आया, शेर आया-शेर आया’ जैसे नारों से पूरा नगर गूंज उठा। ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और फूल-मालाओं के साथ कवासी लखमा का जोरदार अभिनंदन किया गया। रैली के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहन मरकाम की बुलेट पर सवार होकर कवासी लखमा ने कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया। बाइक रैली के बाद सभी कार्यकर्ता रेस्ट हाउस पहुंचे, जहां कवासी लखमा ने उन्हें संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सुबह-सुबह अपने काम छोड़कर उनसे मिलने आए कार्यकर्ताओं का प्यार और ‘दादी’ का संबोधन उन्हें ताकत देता है। लखमा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने साजिश के तहत उन्हें तथाकथित शराब घोटाले के मामले में 13 महीने जेल में रखा, लेकिन कार्यकर्ताओं के स्नेह और समर्थन ने उन्हें टूटने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा उन्हें बदनाम और परेशान करने की हर कोशिश नाकाम होगी और वे पहले से अधिक मजबूती के साथ जनता की आवाज बनकर संघर्ष करते रहेंगे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस आयोजन ने बस्तर और कोंडागांव में कवासी लखमा को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं व समर्थकों में बने उत्साह और विश्वास को स्पष्ट किया।


