छतरपुर में भाजपा नेता पर गुंडागर्दी का आरोप:तालाब विवाद में मारपीट, बंधक बनाने और धमकियों से पीड़ित परिवार एसपी ऑफिस पहुंचा

छतरपुर जिले के ऐरोरा गांव में भाजपा नेता आशीष रैकवार पर कथित गुंडागर्दी और मारपीट का आरोप लगा है। पीड़ित छन्नूलाल अहिरवार और उसका परिवार न्याय की गुहार लगाने के लिए शनिवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचा है। मामला जटाशंकर हरिजन मत्स्य उद्योग समिति मर्यादित से जुड़े तालाबों पर हुए विवाद से संबंधित है। पीड़ित छन्नूलाल अहिरवार के अनुसार, जटाशंकर हरिजन मत्स्य उद्योग समिति मर्यादित, ऐरोरा को शासन द्वारा तालाब आवंटित किए गए हैं। इसका पंजीयन क्रमांक 743 है और यह 9 जनवरी 1995 को पंजीकृत हुई थी। छन्नूलाल इस समिति के माध्यम से पठार तालाब और बक्सीई तालाब में वर्षों से मछली पालन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि 21 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे भाजपा नेता आशीष रैकवार अपने तीन साथियों के साथ तालाब पर पहुंचे और जबरन मछली पकड़ने लगे। इस दौरान लगभग 30 क्विंटल मछली ले जाने का आरोप है। पीड़ित बोला- परिवार की सुरक्षा को खतरा
छन्नूलाल ने बताया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो आशीष रैकवार और उनके साथियों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने तालाब से नाव छीन ली और छन्नूलाल को बंधक बनाकर जान से मारने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए धमकी दी गई कि यदि शिकायत की गई, तो उन पर कट्टे का झूठा मामला दर्ज करा दिया जाएगा। इस घटना के बाद पुलिस ने भाजपा नेता आशीष रैकवार के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था, जिसका वीडियो भी सामने आया था। हालांकि, पीड़ित का कहना है कि घटना में आशीष रैकवार के साथ अन्य लोग भी शामिल थे, जिनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लगातार मिल रही धमकियों के कारण छन्नूलाल और उनका परिवार गांव छोड़ने को मजबूर है और उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। छन्नूलाल और उनकी पत्नी उषा अहिरवार ने एसपी को आवेदन देकर सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। आंदोलन की चेतावनी
मामले में पीड़ित परिवार के साथ अहरिवार समाज और अजाक्स संगठन (बाबूलाल अहिरवार, लाल बहादुर, केडी अहिरवार) ने भी एसपी ऑफिस पहुंचकर उक्त भाजपा नेता सहित उसके अन्य साथियों की गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं की गई तो वह उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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