बुधवार को हेल्थ मिनिस्टर और हेल्थ सेक्रेटरी अचानक बीकानेर पहुंच गए। पहले से इनका कार्यक्रम तय नहीं था। ऐसे में विभाग के आला अधिकारियों में हडकंप सा मच गया। बाद में मंत्री और सेक्रेटरी दोनों पीबीएम अस्पताल पहुंचे तो वहां के सीनियर डॉक्टर्स अपनी पोजिशन पर पहुंचने लगे। बीकानेर में हेल्थ डिपार्टमेंट के संयुक्त निदेशक, सीएमएचओ और सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल तक को इनके बीकानेर आने की जानकारी नहीं थी। हेल्थ सेक्रेटरी गायत्री राठौड़ पहले श्रीडूंगरगढ़ पहुंची। वहां उन्होंने स्थानीय अस्पताल का निरीक्षण किया। उम्मीद की जा रही थी कि श्रीडूंगरगढ़ में ट्रोमा सेंटर बनाने के लिए चल रहे विवाद के बीच वो निरीक्षण करेगी और स्थान तय कर देंगी। राठौड़ ने ऐसा नहीं किया। वो कुछ देर रुकने के बाद बीकानेर के लिए रवाना हो गई। संयुक्त निदेशक देवेंद्र चौधरी को जब हेल्थ सेक्रेटरी के आने का पता चला तो वो स्वागत करने जयपुर-जोधपुर बाइपास पर पहुंच गए। वहीं मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर भी अचानक बीकानेर पहुंचे। बाद में मंत्री और सेक्रेटरी दोनों पीबीएम अस्पताल गए। जहां भर्ती महिलाओं से राठौड़ ने बातचीत की। इस दौरान महिला डॉक्टर से ये भी पूछा गया कि प्रसव के दौरान मृत्यु की क्या स्थिति है? डॉक्टर ने बताया कि अब ये स्थिति काफी नियंत्रण में है। प्रसव के दौरान बहुत कम मौत होती है। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल गुंजन सोनी भी इस दौरान मंत्री के साथ रहे। मेडिकल कॉलेज के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली गई।


