मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह समारोह के आयोजन को लेकर कांग्रेस के आरोपों के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा है, विभाग ने एम्पैनल्ड वेंडर की जगह अब लोक निर्माण विभाग (PWD) को कार्य एजेंसी बनाने का प्रस्ताव भेजा है, जिसमें PWD अपनी दरों के अनुसार कार्य करेगा और भुगतान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाएगा।
कांग्रेस का दावा है कि यह कदम पार्टी द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद उठाया गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आयोजन से ठीक कुछ दिन पहले एजेंसी बदलने की प्रक्रिया अपने आप में कई सवाल खड़े करती है। PWD ने पत्राचार में जताई व्यावहारिक असमर्थता-कांग्रेस
कांग्रेस का दावा है कि बाल विकास विभाग के प्रस्ताव के जवाब में PWD ने पत्राचार करते हुए वर्तमान परिस्थितियों में कार्य करने में व्यावहारिक कठिनाइयों की बात कही है। हालाकि इस मामले में दोनों ही विभाग की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। कांग्रेस ने उठाए कई सवाल
कांग्रेस का कहना है कि अगर पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के तहत थी, तो फिर अचानक एजेंसी बदलने की जरूरत क्यों पड़ी। पार्टी ने सवाल उठाया है कि— आयोजन से चार दिन पहले एजेंसी बदलने का फैसला क्यों लिया गया? 5 फरवरी 2026 को प्रस्तावित प्रेजेंटेशन क्यों रद्द किया गया? अगर सब कुछ सही था, तो विभाग को नया प्रस्ताव भेजने की जरूरत क्यों पड़ी? पहले से किए गए कार्यों का भुगतान और दरें अब कैसे तय होंगी? आयोजन स्थल पर पहले से मौजूद टेंट और अन्य व्यवस्थाओं की अनुमति किस स्तर पर दी गई? सरकार से जवाब की मांग
कांग्रेस ने पूरे मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यह मामला केवल एजेंसी बदलने का नहीं, बल्कि सार्वजनिक धन और सरकारी आयोजन की पारदर्शिता से जुड़ा है। कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित पक्षों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे आयोजनों पर सवाल न उठें।


