गरियाबंद में नक्सलियों की हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़:सुरक्षा बलों ने इंसास, 303 राइफल सहित उपकरण बरामद किए

गरियाबंद जिले में सुरक्षा बलों ने ओडिशा सीमा से लगे पहाड़ी इलाकों में नक्सलियों द्वारा संचालित एक हथियार बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में स्वचालित हथियार, गोला-बारूद और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। मैनपुर थाना क्षेत्र के भालूडिग्गी और मेटाल गांवों की पहाड़ी श्रृंखलाओं से 02 इंसास राइफल, 01 .303 राइफल, 02 12-बोर बंदूकें, 01 देशी कट्टा और बीजीएल सेल सहित हथियार बनाने के विभिन्न उपकरण जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई जिला पुलिस बल गरियाबंद की ई-30 ऑप्स टीम द्वारा की गई। प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के ओडिशा राज्य कमेटी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा इन सामग्रियों को डंप करने की जानकारी जनवरी 2026 में गरियाबंद में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से गहन पूछताछ के बाद मिली थी। इस जानकारी के आधार पर 6 फरवरी 2026 को टीम को रवाना किया गया। जांच में पता चला है कि डीजीएन डिवीजन द्वारा छह अलग-अलग स्थानों पर हथियार डंप किए गए थे। यह हथियार वर्कशॉप ओडिशा राज्य कमेटी के मारे गए तीन केंद्रीय समिति सदस्यों – चलपति, मनोज और गणेश उईके – की निगरानी में एक तकनीकी टीम द्वारा चलाया जा रहा था। सुरक्षा बलों की इस संयुक्त कार्रवाई से गरियाबंद क्षेत्र में नक्सल हिंसा की संभावनाओं पर विराम लगने की उम्मीद है। जनवरी 2025 से अब तक संयुक्त पुलिस बल ने कुल 57 हथियार बरामद किए हैं, जिनमें 28 ग्रेडेड स्वचालित और 29 अन्य हथियार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 300 कारतूस भी जब्त किए गए हैं। छह जगहों से हथियार और विस्फोटक बरामद किए लगातार 36 घंटे चले सर्च अभियान के बाद ई-30 टीम ने छह अलग-अलग जगहों से माओवादियों द्वारा छुपाए गए कई हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की। इन चीज़ों में 2 INSAS राइफल, 1 .303 राइफल, 1 देसी कट्टा, 1 सुरका (देशी BGL लांचर), 2 12 बोर, 2 सिंगल शॉट हथियार, 127 जिंदा राउंड, 8 मैग्जीन, 22 BGL सेल, 1 बंडल इलेक्ट्रिक वायर और टेक्निकल टीम की वर्कशॉप के कई उपकरण शामिल हैं। माओवादियों की तकनीकी टीम, उनके शीर्ष नेतृत्व के सीधे नियंत्रण में, IED और अन्य देसी हथियार बनाने के साथ-साथ ऑटोमेटिक हथियारों की मरम्मत का काम करती थी। गरियाबंद पुलिस ने पिछले डेढ़ साल से नक्सल उन्मूलन अभियान “ऑपरेशन विराट” चलाया। 26 जनवरी 2026 तक गरियाबंद क्षेत्र में सक्रिय माओवादियों को आत्मसमर्पण या निष्क्रिय करने में सफलता मिली। इसके बाद ई-30 टीम ने माओवादियों के डंप से हथियार बरामद कर क्षेत्र में माओवादी हिंसा की संभावना लगभग शून्य कर दी। वर्ष 2025-26 में गरियाबंद पुलिस ने माओवादियों से कुल 57 हथियार, 300 कारतूस और 21 मैग्जीन बरामद किए, जिनमें 28 ऑटोमेटिक और 29 अन्य हथियार शामिल हैं। वहीं, विस्फोटक सामग्री में 240 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 17 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 7 IED बम और लगभग 100 मीटर कार्डेक्स वायर शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों पर कड़ा नियंत्रण स्थापित हुआ है।

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