झांसी के मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य कर्मी के साथ हुई मारपीट के मामले में बुधवार को जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बाज़ू पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि पुलिस की ओर से शव का पोस्टमॉर्टम कराने के लिए पंचनामा देर से दिया गया। लेकिन, उनकी गलती का खामियाजा स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों को उठाना पड़ा है। साथ ही जब कार्रवाई के लिए पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया गया तो उस पर भी कार्रवाई नहीं की गई। कहा कि यदि आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। यहां पूरी घटना में स्वास्थ्य कर्मी का दांत भी टूटा है। दरअसल, मंगलवार को सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के दो भाई हरदास और मेहरबान सिंह की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस दोनों के शव को लेकर मेडिकल कॉलेज के पोस्टमाॅर्टम विभाग पहुंची थी। इन दोनों भाईयों के शव का पोस्टमॉर्टम जिला अस्पताल के डॉक्टर नीरज सिंह को करना था। इसके लिए वह सुबह 10 बजे अस्पताल पहुंच गए थे। लेकिन यहां मेहरबान सिंह का पंचनामा नहीं आया था। ऐसे में डॉक्टर ने हरदास का पोस्टमॉर्टम कर उनका शव परिजनों को सौंप दिया था। लेकिन दूसरे भाई मेहरबान सिंह का पंचनामा नहीं आने के कारण पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका। परिजनों ने सुबह से लेकर दोपहर तक इंतजार किया लेकिन पंचनामा नहीं आया। यहां जब परिजनों का सब्र जबाव दे गया ताे वह डॉक्टर पर बरसने लगे। इस पर डॉक्टर ने अंधेरा हो जाने की बात कहते हुए पुलिस ने वीडियोग्राफी कराने की व्यवस्था करने को कहा लेकिन पुलिस की ओर से सहयोग नहीं मिला। इसके बाद मृतक के परिजन डॉक्टर पर चढ़ने लगे और यहां तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मी के साथ मारपीट कर दी। एमपी पुलिस का एसआई बता रहा था पीटने वाला जिला अस्पताल के डॉक्टर नीरज सिंंह ने बताया कि मृतक के परिजन दस मिनट में शव का पोस्टमॉर्टम करने का नवाब बना रहे थे। इस पर उन्होंने कहा कि कम से कम 30 मिनट लगेंगे। आरोप है कि लगभग 100 लोगों ने उन पर हमला करने का प्रयास किया। इनमें से एक व्यक्ति खुद को मध्य प्रदेश पुलिस का दरोगा बता रहा था। उसी ने स्वास्थ्य कर्मी कपिल को पीटा, जिससे उसके मुंह में चोट आई हैं। साथ ही उसका एक दांत भी टूट गया है। पुलिस ने नहीं की कार्रवाई कर्मचारी की पिटाई के मामले में डॉक्टर नीरज सिंह ने इसकी लिखित शिकायत थाना नवाबाद में दी लेकिन, काेई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, घायल कर्मी का डॉक्टरी परीक्षण कराने के बाद थाना शहर कोतवाली में भी तहरीर दी लेकिन यहां भी कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले को अप डीआईजी के सामने रखा गया है। डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर किया इलाज बुधवार को घटना के विरोध में जिला अस्पताल के सभी डॉक्टरों ने इस घटना को लेकर रोष जताया। साथ ही मंडलीय प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर प्रमोद कुमार कटियार के नेतृत्व में बांह पर काली पट्टी बांधकर इलाज किया। उनका कहना था कि आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाती है तो मामले को शासन के संज्ञान में लाया जाएगा। इस पूरी घटना में पुलिस ने पंचनामा देने में देरी की है। लेकिन इसका भुगतान हमारे चिकित्सकों को करना पड़ा है।


