दंतेवाड़ा| धर्म नगरी के रूप में पहचाने जाने वाले ऐतिहासिक बारसूर में पुरातत्व विभाग की लापरवाही से प्राचीन धरोहरें उपेक्षा का शिकार हो रही हैं। सूर्य मंदिर सहित कई प्राचीन मंदिर जर्जर होकर आंशिक रूप से टूट चुके हैं, जबकि सैकड़ों वर्ष पुरानी मूर्तियां इधर-उधर बिखरी पड़ी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि 700–800 साल पुरानी इन मूर्तियों का अस्तित्व अब खतरे में पड़ गया है और समय रहते संरक्षण नहीं हुआ तो अपूरणीय क्षति हो सकती है। बारसूर एक प्रमुख पर्यटन क्षेत्र भी है, बावजूद इसके खुले में पड़ी मूर्तियों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिससे चोरी की आशंका बनी रहती है। इस मुद्दे पर न प्रशासन सक्रिय दिख रहा है, न ही पुरातत्व विभाग। लगातार उपेक्षा से क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और धरोहरों के संरक्षण की मांग तेज हो गई है।


