भास्कर न्यूज | लातेहार पर्यावरणीय रूप से अति संवेदनशील इको सेंसिटिव जोन (ईएसजेड) नेतरहाट में मनाही और नोटिस जारी होने के बाद भी अवैध तरीके से निर्मित होटलों में जोड़ने-तोड़ने का काम किया जा रहा है। इस बात का खुलासा शनिवार को तब हुआ जब महुआडांड़ एसडीओ विपिन कुमार दुबे यहां के एक होटल का औचक निरीक्षण किया। जानकारी के होटल रॉयल हिल्स क्लाउट में मजदूर से टाइल्स लगाने का काम कराया जा रहा था। तभी एसडीओ वहां पहुंच गए। इसे देख उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। हालांकि, इस दौरान होटल मालिक के द्वारा कई तरह की दलील दी गई। एसडीओ ने दैनिक भास्कर से कहा कि कानून का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नेतरहाट थाना प्रभारी से मामले की जांच कर 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर होटल मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया जाएगी। इधर, प्रशासन की इस औचक कार्रवाई से एक बार फिर अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है। भास्कर अपील : नेतरहाट एक प्रकृति धरोहर है, व्यापार का साधन नहीं। नेतरहाट को बचाने की इस मुहिम में प्रशासन का साथ दें और किसी भी अवैध निर्माण की सूचना तुरंत जिम्मेदार अधिकारियों को दें। इस संवेदनशील इलाके की लाइफ लाइन तालाब के कुछ हिस्से को भर दिए जाने और उसमें बाउंड्री कराए जाने के मामले की जांच चल रही है। एसडीओ ने कहा कि यहां किसी भी तरह के जलस्रोतों का अतिक्रमण वर्जित है। अभी इसकी जांच चल रही है। कुछ हिस्से की माफी की गई है। पूरी मापी कराए जाने के बाद जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। इसके बाद उपायुक्त से मार्ग निर्देशन प्राप्त कर पिलरिंग कराया जाएगा, ताकि भविष्य में उसका अतिक्रमण न हो सके।


