भास्कर न्यूज|लोहरदगा जिलेभर में बीते कुछ दिनों में एकाएक बढ़ी ठंड से अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। दिनभर शीतलहरी हवाओं के चलने व शाम में मौसम में कनकनी बढ़ने से हो रहे मौसम के साथ सर्दी, खांसी, वायरल फीवर सहित पेट दर्द के मरीज फिर से एक बार बढ़ गए है। बीते कुछ दिनों से सदर सहित अन्य निजी अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिसमें खासकर बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। प्रतिदिन 300 से 350 ऐसे मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे है। ऐसे तो सामान्य दिनों में 100 से 150 मरीज ईलाज के लिए पहुंचते है। परंतु इन दिनों सदर अस्पताल सहित अन्य निजी अस्पताल में प्रतिदिन ऐसे सर्दी, खांसी व बुखार के मरीज अधिक संख्या में पहुंच रहे है। इलाज के बाद मरीजों को कुछ दवाएं बाहर से लिखे जाने के कारण दवा के लिए थोड़ी बहुत परेशानी भी उठानी पड़ रही है। अस्पताल से निःशुल्क दवा मिलने के बाद भी कुछ दवाएं बाहर से लिखे जाने से लोगों को बाहर से दवाएं लेनी पड़ रही है। इधर जिले में शनिवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री तक तापमान दर्ज किया गया है। न्यूनतम तापमान में पिछले दो तीन दिनों तीन से चार डिग्री तक की बढ़ोतरी हुई है। दो दिन पूर्व तक न्यूनतम तापमान 11 से 12 तक पहुंच गया था। अब फिर बढ़ी शीतलहरी से सुबह शाम कंपकपी बढ़ गई है। कृषि वैज्ञानिक डॉ शंकर कुमार सिंह ने कहा कि आगे 15 फरवरी तक बारिश के भी आसार बने रहेंगे। जिसके बाद धीरे धीरे गर्मी में बढ़ोतरी होगी। इधर सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि लोगों को बदल रहे मौसम को हल्के में नहीं लेना चाहिए। घरों के आसपास के क्षेत्रों को साफ रखना चाहिए। इसके अलावे दैनिक व जरूरी कार्यों पर बाहर निकलने पर खुले जगहों पर बिकने वाले खाद्य सामग्रियों के सेवन से बचना चाहिए। वहीं ठंड हो रहे मौसम के अनुरूप खुद के शरीर को भी गर्म कपड़ों से ढक रखना चाहिए। इसके अलावा बॉडी के तापमान की तुलना में अधिक चिल्ड शीतल पेय का उपयोग करने से अभी बचना चाहिए। अभी के दौर में खासकर गर्म पानी व गर्म खानों का सेवन करना ज्यादा लाभकारी होगा। वहीं उन्होंने खासकर बच्चों पर विशेष ध्यान की बात कही है।


