हजारीबाग के बेटे कैप्टन करमजीत सिंह बक्शी (पुनीत) देश की सेवा करते हुए मंगलवार को शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर बुधवार शाम करीब 6:30 बजे रांची एयरपोर्ट पहुंचा। यहां राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर सेना की गाड़ी से रामगढ़ कैंट स्थित सेना की छावनी ले जाया गया। गुरुवार सुबह 7 बजे सेना की गाड़ी से पूरे सम्मान के साथ पार्थिव शरीर को उनके पैतृक आवास जुलु पार्क, हजारीबाग ले जाया जाएगा। वहां से काफिले के साथ गुरुद्वारा पहुंचेगा। सुबह 9:30 बजे शहरवासी पार्थिव शरीर का नगर भ्रमण कराते हुए खिरगांव स्थित मुक्तिधाम ले जाएंगे। वहां उन्हें अतिम विदाई दी जाएगी। शहीद कैप्टन की मंगेतर भी सेना में, 5 अप्रैल को होनी थी शादी शहीद के पिता अजिन्दर सिंह बक्शी ने बताया कि कैप्टन करमजीत की मंगेतर भी आर्मी में हैं। वे कैप्टन के पद पर रहते हुए मेडिकल डिपार्टमेंट में अपनी सेवाएं दे रही हैं। पांच अप्रैल को जम्मू से ही शादी होने वाली थी। 29 मार्च को हजारीबाग में शादी से जुड़ी रस्में निभाई जानी थीं। करमजीत बचपन से ही सेना में जाने को उतावले थे। इसकी लगातार तैयारी करते थे।


