सच्चाई : 2014 में शुरू हुए क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के कई फ्लोर में फर्श, गेट-खिड़की के काम बाकी

दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा की थी। इस दौरान रिम्स में 2024 से बन रहे क्षेत्रीय नेत्र संस्थान का भी रिव्यू कर उन्होंने कई दिशा निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश देते हुए रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थेल्मोलॉजी का काम फरवरी 2025 के अंत तक हर हाल में पूरा कर भवन रिम्स प्रबंधन को हैंडओवर करने की बात कही थी। नए भवन में इलाज शुरू होने से रोगियों को सभी तरह की अत्याधुनिक सुविधाएं मिलने लगेंगी। निर्माण शुरू होने के 11 साल बाद भी यह पूरा नहीं हो सका। वर्तमान में नेत्र रोग विभाग दो वार्डों तक सीमित है। यहीं छोटे से ऑपरेशन थिएटर में मरीजों की सर्जरी की जा रही है। दो वार्ड के विभाग से 8 मंजिली इमारत में इलाज शुरू होगा। दैनिक भास्कर ने निर्माणाधीन भवन की पड़ताल की। पता चला कि अब भी भवन के कई फ्लोर में फर्श का काम अधूरा है। कई कमरों में सीपेज लगे हुए हैं। दरवाजे -खिड़की तक नहीं लगे हैं। एसी पाइपलाइन का कनेक्शन अधूरा है। लिफ्ट का काम भी बाकी है। कई फ्लोर में बिजली का काम बचा हुआ है। ऐसे में निर्माण का काम कर रहे एक कर्मी ने बताया कि जितना काम बाकी है, उसे पूरा करने में कम से कम 35 से 45 दिन का समय और लगेगा। रिम्स के जनसंपर्क अधिकारी ने भी कहा कि नेत्र विभाग की एक टीम काम का रिव्यू कर रही है। 2024 में 65 कॉर्निया निकाले गए, 45 का ही ट्रांसप्लांट हुआ : रिम्स आई बैंक के आंकड़े के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में मार्च से दिसंबर 2024 तक रिम्स में 65 कॉर्निया सफलतापूर्वक निकाले गए। जबकि 45 रोगी को ही कॉर्निया ट्रांसप्लांट किए जा सके। जबकि 18 कॉर्निया रिम्स में शोध कार्य व प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल में लाए गए। वहीं, 2 कॉर्निया आई बैंक में सुरक्षित हैं। इधर, रिम्स की तुलना में निजी नेत्र अस्पतालों में तीन गुणा अधिक प्रत्यारोपण किया जा चुका है। रिम्स के चिकित्सकों ने कहा कि यदि नेत्र संस्थान शुरू हो जाएगा तो रिम्स में वर्तमान की तुलना में दोगुना ट्रांसप्लांट हो सकेगा। नेत्र संस्थान रिम्स के कॉन्ट्रैक्टर रोहित अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। संस्थान शुरू होने पर दो वार्ड का नेत्र विभाग 8 मंजिले भवन में शिफ्ट होगा ये मिलेंगी सुविधाएं 54 चिकित्सकों की होनी है नियुक्ति… भवन का निर्माण कार्य पूरा होने से विभाग में रेटिना विशेषज्ञ, डायबिटिक रेटिनोपैथी और छोटे बच्चों के नेत्र रोग विशेषज्ञ सहित अन्य चिकित्सक अपनी सेवा दे सकेंगे। चिकित्सकों की बहाली को लेकर 54 चिकित्सकों की एक सूची कई साल पहले ही तैयार की गई है। पहले तल्ले पर रिसेप्शन और ओपीडी की सेवा रहेगी। दूसरे तल्ले पर निदेशक व एचओडी का कक्ष और माइनर ओटी की व्यवस्था होगी। तीसरे तल्‍ले पर मेजर ओटी, चौथे और पांचवें तल्ले पर मरीजों को भर्ती करने के लिए वार्ड की व्यवस्था होगी। वहीं आखि‍री तल्ले पर सेमिनार हॉल और लेक्चर थिएटर होंगे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *