भास्कर न्यूज| चाईबासा पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, चाईबासा में संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती काफी श्रद्धा पूर्वक मनाई गई। जयंती का शुभारंभ प्रभारी प्रधानाचार्य अरविंद कु.पांडेय और कार्तिक कुमार ने भारत माता और संत रविदास जी के चित्र पर दीप प्रज्वलन व पुष्प अर्पित कर किया। मौके पर उन्होंने भैया- बहनों को जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दी। साथ ही कहा कि आज माघी पूर्णिमा है। आज के ही दिन संत रविदास का जन्म हुआ। यह मध्यकाल के सद्गुरु थे। उन्होंने जात-पात का घोर खंडन किया और समाज को आत्मज्ञान का मार्ग दिखाया। कर्म और समय को उन्होंने अपने जीवन का आधार बनाया। इसके उपरांत उमाशंकर पांडेय ने भी संत रविदास जी के जीवन चरित्र का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास एक कवि होने के साथ-साथ एक बहुत बड़े संत थे। इनके रचे गए कुछ भजन सिख समुदाय के पवित्र धर्मग्रंथ गुरुग्रंथ साहब में शामिल है। इस अवसर पर विद्यालय के भैया- बहनों ने अपने विचार अभिव्यक्ति,भक्ति-गीत ,भजन और कविता पाठ प्रस्तुत कर संत शिरोमणि रविदास जी को याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम का संचालन व धन्यवाद ज्ञापन उमाशंकर पांडेय ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त आचार्य बंधु-भगिनी एवं भैया-बहनों का सहयोग सराहनीय रहा। शांति मंत्र के उपरांत इस जयंती का समापन हुआ।


