लुधियाना| जमालपुर स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु रविदास जी में श्री गुरु रविदास महाराज जी के परगट दिवस को समर्पित भव्य धार्मिक दीवान सजाया गया। 13 फरवरी को भाई हरविंदर सिंह जी (शंकर वाले) ने कथा कीर्तन और हर जस के माध्यम से संगत को निहाल किया जाएगा और उन्हें गुरबाणी से जोड़ा जाएगा। गुरु रविदास जी ने जातिवाद और सामाजिक विभाजन को खत्म करने का संदेश दिया। इस मौके पर शिव प्रेम सिंह प्रधान, गुरदेव सिंह भंगू, देस राज, बंत सिंह, प्रेम सिंह, दलविंदर सिंह, गुरमीत सिंह, बलवीर सिंह, चरणजीत सिंह, जरनैल सिंह, परगट सिंह, परमजीत सिंह, सोहन लाल आदि लोग मौजूद रहे। लुधियाना|गुरबाणी एवं गुरमत संगीत के प्रचार-प्रसार केंद्र जवद्दी टकसाल में भगत रविदास जी की जयंती के अवसर पर बसंत राग दरबार का आयोजन किया। इस आयोजन में विशेष रूप से गुरबाणी और गुरमत संगीत का संगम देखने को मिला। संत बाबा अमीर सिंह ने पवित्र नाम के जाप के साथ गुरबाणी नाम सिमरन का संयोजन किया, जबकि भाई हरजोत सिंह ने घायल बसंत राग में शबद कीर्तन किया। संत ज्ञानी अमीर सिंह जी ने कहा कि कीर्तन किसी विशेष स्थान, समय और उद्देश्य के साथ किया जाता है, और इसमें हर कोई भाग ले सकता है। कीर्तन आध्यात्मिकता की भाषा है, जो उच्चतर आत्मा की यात्रा को व्यक्त करती है और मानव मन को उस स्तर तक पहुंचाती है, जहां एक व्यक्ति भगवान तक पहुंचने में सक्षम होता है। लुधियाना|गुरुद्वारा गुरु रविदास जी, इस्लामगंज में गुरु रविदास जी का प्रकाश पर्व श्रद्धा के साथ मनाया। समागम में पार्षद सिमरप्रीत कौर और उनके पति गुरप्रीत सिंह राजू बाबा को प्रबंधक कमेटी द्वारा सम्मानित किया। इस अवसर पर गुरप्रीत सिंह राजू बाबा ने गुरु रविदास जी के जीवन और समाज के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला। समागम में प्रधान सरदार जसवीर सिंह शिरा सहित गुरमुख सिंह, हरप्रीत सिंह, जसबीर कौर सूरज, राजेंद्र सिंह व परमजीत सिंह मौजूद रहे। भास्कर न्यूज | लुधियाना श्री गुरु रविदास महाराज जी का 648वां प्रकाश पर्व बस्ती जोधेवाल चौक स्थित श्री गुरु रविदास मंदिर प्रबंधक सभा में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक होकर श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के पश्चात रागी जत्थों द्वारा कीर्तन का आनंद लिया। इस दौरान प्रसिद्ध गायक फिरोज खान और रणजीत राणा ने श्री गुरु रविदास महाराज जी की स्तुति में भजन व आरती जैसे- दया दे सागर गुरु रविदास जी…, नाम तेरो आरती मजन मुरारे, हरि के नाम बिन झूठे सगल पासारे… आदि प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। उन्होंने मंदिर प्रबंधन बोर्ड के अध्यक्ष जिंदरपाल दड़ोच ने श्रद्धालुओं को प्रकाशोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि पंजाब की धरती गुरुओं, पीरों और पैगम्बरों की धरती है, जहां सभी धर्मों और परंपराओं का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि आपसी भाईचारा और प्रेम बढ़ाने के लिए ऐसे पर्व मिलजुल कर मनाने चाहिए। समारोह के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें संगत ने श्रद्धा से प्रसाद ग्रहण किया। यह लोग रहे उपस्थित यहां विधायक दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल, विधायक चौधरी मदन लाल बग्गा, पूर्व विधायक रणजीत सिंह ढिल्लों, मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर, विजय दानव, पार्षद मोनू खिंडा, पार्षद जगदीश लाल दिशा, पार्षद हरजिंदर सिंह लाली, पार्षद हरजिंदर बाली, पार्षद संगीता कलसी, रमनजीत लाली, अध्यक्ष जिंदरपाल दड़ोच, महासचिव नरिंदर राय बिट्टू, सीनियर मीत प्रधान डॉ. रामजीत सूद, प्रचार सचिव राजिंदर मूलनिवासी, दर्शन गंगर स्टोर इंचार्ज, सुखा राम लखा, रमेश रसीला, जसवीर कुमार लद्धड़, लेखराज सूद, प्रो. परमजीत, डॉ. बिंदर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।


