भास्कर न्यूज | गरियाबंद जिला मुख्यालय गरियाबंद में स्वीकृत कन्या महाविद्यालय के स्थायी भवन निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। जिला प्रशासन की पहल पर ग्राम डोंगरीगांव में महाविद्यालय भवन के लिए 10 एकड़ भूमि आबंटन के लिए स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच सहमति बन गई है। इस संबंध में ग्राम पंचायत डोंगरीगांव में तहसीलदार चितेश देवांगन और सरपंच नगीता दीवान की मौजूदगी में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भूमि आबंटन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई, जो कई घंटों तक चली। लंबी चर्चा और तमाम आपत्तियों के निराकरण के बाद अधिकांश ग्रामीण कन्या महाविद्यालय के लिए भूमि देने पर सहमत हो गए। इसके पहले बैठक में तहसीलदार चितेश देवांगन ने बताया कि ग्राम डोंगरीगांव में लगभग 200 एकड़ घास भूमि उपलब्ध है, जिसमें से खसरा नंबर 267/1 में केवल 10 एकड़ भूमि कन्या महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए प्रस्तावित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे ग्रामीणों के निस्तारी अधिकारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और व्यवस्था पूर्ववत बनी रहेगी। बालिकाओं को मिलेगा शिक्षा का लाभ: वही मौके पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि कन्या महाविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि समय रहते भूमि आबंटन नहीं होने पर यह शैक्षणिक परियोजना किसी अन्य क्षेत्र को दी जा सकती है। जिसे ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों ने सहमति व्यक्त की। बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ बेजा कब्जाधारी निस्तारी भूमि की कमी का हवाला देकर ग्रामीणों को भ्रमित कर रहे थे। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने मौके पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि गांव के हितों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। इस दौरान जनपद अध्यक्ष सोहन लाल ध्रुव, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष लेखराम साहू, नगर पालिका अध्यक्ष रिखीराम यादव, वरिष्ठ नागरिक मुरलीधर सिन्हा, अमित मिरी, पत्रकार महेन्द्र सहीस, पटवारी मनोज कुमार कंवर एवं मनोज खरे उपसरपंच तिलोसरी सहीस सहित पंच सुमेर सिंह, किशोर ध्रुव, सरिता मंडले, पुष्पा ध्रुव, ललिता क्षत्रिय, ईश्वरी ध्रुव, कुमारी सोरी, दिनेश्वरी ध्रुव, ग्रामीण हरखराम, तुलेश्वरी आदि मौजूद रहे।


