तेलीबांधा स्थित बेबीलोन टॉवर की सातवीं मंजिल से कूदकर बुधवार दोपहर करीब 2 एक युवक ने आत्महत्या कर ली। इतनी ऊंचाई से गिरने की वजह से युवक की रीढ़, पैर और हाथ की हड्डी टूट गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हैरानी की बात है कि युवक जब सातवीं मंजिल से गिरा तो बॉल की तरह हल्का उछला, लेकिन शरीर से एक बूंद खून नहीं निकला। पता चला है कि वह युवक नौकरी की तलाश में वहां पहुंचा था। वह दो घंटे तक कई कंपनियों के दफ्तर में घूमता रहा। उसके बाद कूद गया। हालांकि खुदकुशी की पुख्ता वजह सामने नहीं आई है। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मरचूरी में रखवा दिया है।
तेलीबांधा पुलिस ने बताया कि मूलत: बालाघाट निवासी सुंदर लाल बसोने लोधीपारा अवंति बाई चौक के पास किराए पर रहते हैं। बेटा विजय बसोने (33) कचना के होटल के में अकाउंटेंट का काम करता था। विजय की डेढ़ साल की बच्ची है। होटल में उसका वेतन कम है। वह ज्यादा वेतन वाली नौकरी ढूंढ रहा था। उसका किडनी का इलाज भी चल रहा है। वह पिछले तीन दिनों से भोजन भी नहीं कर रहा था। बुधवार सुबह 10 बजे विजय अपने पिता के साथ नाश्ता करने बैठा हुआ था। फिर अचानक बिना नाश्ता किए उठ गया। उसने कहा कि नाश्ता करने की इच्छा नहीं है। वह अस्पताल से होकर आ रहा है। वह अपनी मेडिकल की फाइल लेकर घर से निकला। उसके बाद वह अस्पताल नहीं गया। वह इधर-उधर घूमने के बाद बेबीलोन टॉवर आ गया। यहां कई कंपनियों के दफ्तर हैं। दो घंटे तक वह अलग-अलग कंपनियों के दफ्तर में घूमता रहा। इसी दौरान उसकी पत्नी का फोन आया। उसने इलाज कराने और भोजन को लेकर बातचीत की। फिर वह सातवीं मंजिल में चला गया। कुछ देर बालकनी के पास खड़ा रहा। उसने फिर छलांग लगा दी। जेब में मिले आईडी के आधार पर उसकी पहचान की गई। लेन-देन का विवाद
पुलिस की पड़ताल में पता चला कि विजय वीआईपी रोड के एक होटल में काम करता था। वहां उसका 8 लाख का लेन-देन का विवाद है। उसने जो चेक दिया था। वह भी बाउंस हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। वह अपनी बीमारी की वजह से भी परेशान चल रहा है।


