मलमास में विवाह पर रहेगी रोक:इस साल 61 मुहूर्त, होलाष्टक,दिसंबर तक कुल 50 मुहूर्त तिथि के सावों वाले, जबकि 11 अबूझ रहेंगे

फरवरी से शुरू हुए वैवाहिक सीजन में अंतिम माह 6 दिसंबर तक विवाह योग्य कुल 61 शुभ मुहूर्त रहेंगे। इनमें 50 तिथि आधारित सावे और 11 अबूझ मुहूर्त शामिल हैं। हालांकि बीच-बीच में पंचांग के अनुसार कुछ अवधियों में विवाह आयोजन नहीं हो सकेंगे। 24 फरवरी से 3 मार्च तक होलाष्टक के कारण शादियों पर रोक रहेगी। वहीं मीन मलमास के चलते 14 मार्च से 13 अप्रैल तक विवाह नहीं होंगे। इसके अलावा 17 मई से 15 जून तक ज्येष्ठ अधिकमास के कारण भी शादी-ब्याह पर विराम रहेगा। पंडित जितेंद्र भारद्वाज ने बताया कि इस वर्ष वैवाहिक आयोजनों का पहला चरण फरवरी से मई माह तक रहेगा। इसके बाद 18 जुलाई से देवगुरु बृहस्पति अस्त हो जाएंगे। इसके एक सप्ताह बाद 25 जुलाई को देवशयन हो जाएगा। साथ ही कुछ समय पश्चात शुक्र तारा भी अस्त हो जाएगा, जिससे विवाह योग समाप्त हो जाएंगे। इसके बाद वर्ष का दूसरा और अंतिम चरण 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी से शुरू होगा, जिसमें फिर से विवाह आयोजन किए जा सकेंगे। इस साल कुल 50 मुहूर्त तिथि के सावे रहेंगे, जबकि 11 अबूझ सावे ऐसे होंगे जिनमें बिना पंचांग देखे विवाह किए जा सकते हैं। इनमें 19 फरवरी फुलेरा दूज, 26 मार्च रामनवमी, 19 अप्रैल आखातीज, 25 अप्रैल जानकी नवमी, 1 मई पीपल पूर्णिमा, 25 मई गंगादशमी, 25 जून निर्जला एकादशी, 22 जुलाई भड़ल्या नवमी, 25 जुलाई देवशयनी एकादशी तथा 20 और 21 नवंबर देवउठनी एकादशी शामिल हैं। वैवाहिक सीजन की शुरुआत को लेकर करौली जिलेभर के बाजारों में भी रौनक लौटने लगी है। मैरिज गार्डन, कैटरर्स, बैंड-बाजे, डेकोरेशन और कपड़ा व्यापारियों को इस सीजन से अच्छे कारोबार की उम्मीद है। लंबे अंतराल के बाद शुरू हो रहे विवाह मुहूर्तों से न सिर्फ नए रिश्तों की शुरुआत होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में शादियों पर रहेगा पूर्ण विराम पंडित जितेंद्र भारद्वाज ने बताया कि वर्ष 2026 में अगस्त, सितंबर और अक्टूबर माह के दौरान विवाह समेत सभी मांगलिक कार्य पूरी तरह बंद रहेंगे। फरवरी माह में होलाष्टक के कारण विवाह आयोजन बाधित होंगे। वहीं मीन मलमास के चलते 14 मार्च से 13 अप्रैल तक कोई विवाह मुहूर्त नहीं रहेगा। इसके अलावा 17 मई से 15 जून तक ज्येष्ठ अधिकमास के कारण शादी-ब्याह पर रोक रहेगी। उन्होंने बताया कि 18 जुलाई से गुरु अस्त हो जाएंगे और 25 जुलाई को देवशयन आरंभ हो जाएगा। साथ ही शुक्र तारा के अस्त होने से भी विवाह योग समाप्त हो जाएंगे। फरवरी में 10,20, 21 के सावे
फरवरी: 10, 20 व 21
मार्च: 9, 10, 11 और 12
अप्रैल: 19, 20, 21, 25, 26, 29 व 30
मई: 5, 6, 7, 8, 9, 10 व 14
जून: 19,20 22, 23, 24, 26, 27 व 29
जुलाई: 1, 3, 4, 6, 7, 8, 9, 11 व 12
नवंबर: 21, 24, 25 और 26
दिसंबर: 2, 3, 4, 5, 11 और 12

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