पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश सरकार को कोचिंग माफियाओं के दबाव में काम करना बताया है। डोटासरा ने कहा कि कोचिंग नियंत्रण बिल लाकर इन्हें जो कलेक्शन करना था वह इन्होंने कर लिया। वहीं डोटासरा ने कहा कि सरकार अपने ढाई साल के कार्यकाल में यमुना का एक बूंद पानी भी नहीं पिला पाएगी। दरअसल आज गोविंद सिंह डोटासरा अपने सीकर आवास पर मीडिया से रूबरू हुए। यहां उन्होंने यह बयान दिया। कोचिंग नियंत्रण बिल पर बोलते हुए डोटासरा ने कहा कि 6 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन उसके रूल, रेगुलेशन नहीं बने हैं। कोचिंग बिल आज भी प्रभावी नहीं है। उनकी मंशा ठीक नहीं है। यह कोचिंग माफियाओं के दबाव में काम करने वाले लोग हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त हो चुके लोग हैं। कोचिंग बिल लाकर इन्हें जो कलेक्शन करना था वह इन्होंने कर लिया। अब उसे कागजों में दफन कर दिया है। आज भी कोचिंगों पर नियंत्रण का बिल राजस्थान में लागू नहीं हुआ है और आगे भी संभावनाएं बहुत कम है। वहीं डोटासरा ने कहा कि यमुना जल हरियाणा से राजस्थान में शेखावाटी के लोगों को मिलना है। जिसमें सीकर, चुरू और झुंझुनूं जिला शामिल है। 24 फरवरी 2024 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान की विधानसभा में यह घोषणा की थी कि राजस्थान और हरियाणा दोनों ने मिलकर एक MOU किया है और हम संयुक्त रूप से डीपीआर बनाएंगे। इसके लिए एक SIT भी गठित की गई है। DPR बनने के बाद बजट देकर शेखावाटी को हरियाणा से पानी दिया जाएगा। MOU में पहले 2400 क्यूसेक पानी हरियाणा लेगा,अपना स्टोरेज विकसित करेगा। उसके बाद केवल दिसंबर से लेकर मई तक केवल और केवल 4 महीने बरसात से जो पानी ओवरफ्लो होगा वह बरसाती पानी यह ले सकते हैं वह भी 557 MCM। आज इनकी सरकार को ढाई साल होने लग गए हैं। लेकिन यमुना जल के लिए कोई डीपीआर ही नहीं बनी है। एक रुपए का भी बजट जारी नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री केवल झूठी बातें कर रहे हैं। जो जनता को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। जब डीपीआर ही नहीं बनी तो बजट कहां से दे दिया इन्होंने। डीपीआर बनने के बाद बजट का आवंटन होता है। उसके बाद टेंडर प्रक्रिया होती है,वर्क आर्डर होता है और फिर काम शुरू होता है। डोटासरा ने कहा कि 2011 में लक्ष्मणगढ़ में इंदिरा गांधी नहर परियोजना का पानी लाने के लिए 833 करोड़ रुपए की योजना की शुरुआत मैंने की थी। 2011 से लेकर 2026 हो गया। 15 साल में भी वह योजना अभी पूरी नहीं हुई है। लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, जो केवल भ्रमित करने वाली बातें हैं। यमुना जल की एक बूंद के लिए 1 रुपया भी राजस्थान को नहीं दिया गया है। जो केंद्र का हाल ही में बजट जारी हुआ है उसमें भी राजस्थान के यमुना जल के लिए एक रुपए का भी प्रावधान नहीं है। 11 फरवरी को राजस्थान का बजट आने वाला है। देखते हैं कि इन लोगों के द्वारा तब कितने रुपए का बजट जारी किया जाता है। पहले हरियाणा खुद के लिए स्टोरेज विकसित करेगा और उसके बाद ओवरफ्लो बरसाती पानी राजस्थान को देने की बात है, वह बात केवल कागजों में है मौके पर कुछ भी नहीं है। डोटासरा ने कहा कि मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि शेष ढाई साल में राजस्थान की भारतीय जनता पार्टी की सरकार शेखावाटी को यमुना का एक बूंद पानी भी नहीं दे पाएगी,नहीं दे पाएगी, नहीं दे पाएगी।


