भास्कर न्यूज । नागौर 1971 के युद्ध में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी, जिसके उपलक्ष्य में सोमवार को विजय दिवस मनाया गया। स्वयंसेवकों ने शौर्य प्रदर्शन करते हुए घंटों तक हाथों में दंड-लाठी लेकर प्रहार अभ्यास किया। इस प्रक्रिया को संघ द्वारा प्रहार महायज्ञ का नाम दिया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सभी शाखाओं पर रंगोली बनाई तथा शौर्य का प्रदर्शन किया। 16 दिसंबर 1971 को 93 हजार पाक सेना द्वारा भारत की सेना के सामने घुटने टेकने के संबंध में पूरी पृष्ठभूमि, इतिहास व तत्कालीन घटनाओं की जानकारी संघ पदाधिकारियों द्वारा स्वयंसेवकों को दी गई। साथ ही इस अवसर पर सभी संघ स्थानों पर प्रहार महायज्ञ अभियान संपन्न हुआ। स्वयंसेवकों में शारीरिक क्षमता में अभिवृद्धि के लिए यह आयोजन हुआ। आरएसएस नागौर नगर के 4 मंडलों की 16 बस्तियों में निर्धारित लक्ष्य अनुसार दंड प्रहार लगाए गए। शाखा समय के अलावा भी 6, 10, 12 व 16 घंटे तक लगातार, क्रमबद्ध रूप से दंड प्रहार जारी रखा। शारदापुरम मंडल की प्रातःकालीन संघस्थान पर इसके सुबह 6 से रात 10 बजे तक 70 से अधिक स्वयंसेवकों ने लगातार बारी-बारी से दंड प्रहार किए। नागौर. संघ के कार्यक्रम में भाग लेते स्वयंसेवक।


