निकटवर्ती गांव जाटौली में 27 महिलाओं के नाम पर फर्जीवाड़ा कर लाखों रुपए का लोन उठाने का मामला सामने आया है। ठग ने पहले महिलाओं को झांसा दिया कि लोन चुकाने की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ कुछ प्रतिशत रकम उसे देनी होगी। विश्वास में आकर महिलाओं ने अपने ओरिजनल दस्तावेज सौंप दिए, जिसके बाद ठग ने यूपी की विभिन्न बैंकों से उनके नाम पर 17 लाख रुपए का लोन पास करा लिया। लोन की राशि महिलाओं के बैंक खातों में जमा हुई, लेकिन बिना उनकी जानकारी के तुरंत ही निकाल ली गई। ठग ने अपने मोबाइल नंबर को उनके एटीएम कार्ड से लिंक कर रखा था, जिससे रकम एटीएम से निकाल ली। मामले का खुलासा तब हुआ जब किश्तों के भुगतान के लिए बैंकों से मैसेज आने लगे। जब पीड़ित महिलाओं ने बैंक जाकर अपने खाते की स्टेटमेंट निकलवाए तो पता चला कि लोन की रकम तो आई थी, लेकिन पूरी राशि निकाल ली गई। गांव के लोगों ने बैंक से सवाल किया कि बिना उनकी जानकारी के लोन के रुपए कैसे निकाले गए, लेकिन बैंक ने किश्त चुकाने की अनिवार्यता जताई। लोन की रकम उड़ाने के बाद ठग गांव से फरार हो गया और उसकी कोई जानकारी नहीं मिल रही है। इस ठगी में बैंककर्मी भी शामिल हो सकते हैं, क्योंकि राजस्थान के ग्रामीणों के दस्तावेजों पर यूपी की बैंकों से लोन पास होना संभव नहीं है। बैंक से निकाले गए दस्तावेजों में आधार और पैन कार्ड नंबर तो पीड़ितों के थे, लेकिन पता यूपी का था। सबसे अधिक 6 लोगों का लाेन एक्सिस बैंक मथुरा से पास हुआ है। इसके अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई आदि बैंक शामिल हैं। ये सभी बैंक उत्तर प्रदेश के हैं। केवाईसी करना जरूरी : मित्तल “मामला संगठित साइबर फ्रॉड और बैंकिंग प्रक्रियाओं में लापरवाही का संकेत है। सामान्य रूप से किसी भी लोन को पास करने से पहले बैंकों को ग्राहक की पूरी केवाईसी प्रक्रिया को सत्यापित करना जरूरी होता है। यहां आधार कार्ड के पते बदले गए, मोबाइल नंबर बदले गए और लोन धारकों को बिना सूचना दिए खाते से पैसे निकाल लिए गए। यह संभव नहीं कि बिना बैंककर्मियों की मिलीभगत के इतनी आसानी से लोन पास हो जाए और पैसे निकाले जा सकें। बैंकों को चाहिए कि वे ऐसे मामलों में तुरंत जांच करें और जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई करें।”
-अमरचंद्र मित्तल, रिटायर बैंक मैनेजर, बीआरकेजीबी किश्त भरने के आ रहे हैं मैसेज -छिद्दी गांव के रिश्ते से साला दुर्गपाल आया और उसने कहा कि गाय-भैंस के नाम पर लोन करा देंगे चुकाने की जरूरत नहीं होगी, बस कुछ रकम देनी होगी। मैं उसके झांसे में आ गया और अपनी पत्नी सावित्री के नाम से लोन कराने के लिए सारे दस्तावेज दे दिए। उसने मथुरा के एक्सिस बैंक (मुकुंद होटल के पीछे) में खाता खुलवाकर लोन पास करा दिया। जब किश्त भरने का मैसेज आया, तब पता चला कि मेरे नाम पर लोन लिया गया है। मथुरा के बैंक से स्टेटमेंट निकलवाया तो पता चला कि खाते में 60 हजार रुपये आए थे, लेकिन वे पहले ही एटीएम से निकाल लिए थे। मना किया फिर भी कराया लोन : कुमरपाल “गांव में दुर्गपाल नाम का व्यक्ति आया और लोन दिलाने की बात कही। उसने भरोसा दिलाया कि कोई परेशानी नहीं होगी, बस कुछ कागज देने होंगे। मैंने उसकी बातों में आकर अपनी पत्नी गौरी के नाम से लोन कराने के लिए दस्तावेज दे दिए। कुछ समय बाद मुझे शक हुआ कि राजस्थान के लोगों को यूपी में लोन कैसे मिल सकता है? यह सोचकर मैंने दुर्गपाल से कहा कि मुझे लोन नहीं चाहिए। कुछ दिनों बाद बैंक से कॉल आया, लेकिन मैंने साफ मना कर दिया कि मैं लोन नहीं लेना चाहता। इसके बावजूद भी मेरी जानकारी के बिना लोन पास कर दिया गया और पैसे भी निकाल लिए गए।


